फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट का आदेश : सोरांव के एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल पर चलेगा मुकदमा

Sun, 31 Oct 2021 10:04 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
विज्ञापन
Court order - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

भू राजस्व अभिलेख में छेड़छाड़ के मामले में एसडीएम सोरांव, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के खिलाफ मुकदमा चलेगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश के विरुद्ध दाखिल सरकार की निगरानी याचिका जिला न्यायालय ने खारिज कर दी है। अदालत ने कहा है कि निगरानी पोषणीय नहीं है। यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निशा सिंह सिंह ने जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरी और वीरेंद्र कुमार अग्रवाल के अधिवक्ता को सुन कर दिया है।

विज्ञापन


प्रकरण सोरांव तहसील का है। थाना नवाबगंज के लालगोपालगंज निवासी वीरेंद्र कुमार अग्रवाल ने मानचित्र और भू राजस्व अभिलेख में छेड़छाड़ को लेकर 24 दिसंबर 2019 को उप जिलाधिकारी अनिल चतुर्वेदी, तहसीलदार अजीत कुमार सिंह, नायब तहसीलदार मृदुला दुबे , राजस्व निरीक्षक कपिल मिश्रा और लेखपाल गुरु प्रसाद यादव के खिलाफ 156 (3) सीआरपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में दाखिल की थी।

सीजेएम ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाते हुए एसडीएम सहित पांचों लोगों के खिलाफ 23 फरवरी 2021 को मुकदमा दर्ज कर विवेचना किए जाने का आदेश दिया था। सीजेएम के आदेश के खिलाफ जिला शासकीय अधिवक्ता ने सरकार की ओर से सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका प्रस्तुत की थी। अपर सत्र न्यायालय ने निगरानी पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश अंतरवर्ती प्रकृति का है। इसके विरुद्ध निगरानी पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने सरकार की निगरानी याचिका खारिज कर दी और सीजेएम द्वारा पारित आदेश 23 फरवरी 2021 की पुष्टि कर दी। लिहाजा अब इनके खिलाफ मुकदमा चलने का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन


दहेज हत्या में पति और सास को 10 साल की कैद
जिला न्यायालय ने दहेज के लिए जलाकर हत्या करने का आरोप साबित होने पर आरोपी पति मुकेश कुमार निषाद और सास कुल्लन देवी को 10-10 साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रश्मि सिंह ने एडीजीसी जय कांत तिवारी और उमा शंकर शर्मा को सुन कर दिया है।

प्रकरण नैनी थाने का है। वादी गौतम निषाद ने 22 अप्रैल 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन की शादी मुकेश निषाद के साथ 8 दिसंबर 2012 को हुई थी। दहेज में एक लाख रुपये की मांग को लेकर उसकी बहन को ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे और एक पुत्री हो जाने के बाद ससुराल वाले नाराज थे। महिला को ससुराल में जलाकर हत्या करने का आरोप साबित होने पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को 10-10 साल की सजा सुनाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें