विशेष न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ल ने अभियोजक के प्रार्थनापत्र पर उन्हें और राकेश धर त्रिपाठी की ओर से पेश अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना। इसके बाद कहा कि केस डायरी जो विवेचक ने लिखी है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री राकेश धर त्रिपाठी के खिलाफ एमपीएमएलए की विशेष कोर्ट में विचाराधीन आय से अधिक संपत्ति के मामले में विवेचक को तलब किया गया है। कोर्ट ने विवेचक द्वारा संलग्न कागजात पत्रावली में नहीं होने पर उन्हें हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई 24 फरवरी को होगी।
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विशेष न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ल ने अभियोजक के प्रार्थनापत्र पर उन्हें और राकेश धर त्रिपाठी की ओर से पेश अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना। इसके बाद कहा कि केस डायरी जो विवेचक ने लिखी है।
उसमें गवाह के द्वारा दिए गए कागजातों को एकत्र कर विवेचना में शामिल कर पेश किए जाने का अंकन किया गया है। मगर यह पत्रावली पर उपलब्ध कागजातों में शामिल नहीं है। ऐसी स्थिति में इसका स्पष्टीकरण देने के लिए विवेचक को तलब किया जाना आवश्यक है। अदालत ने विवेचक भारत रत्न वार्ष्णेय को आदेश दिया है कि न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
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प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि पत्रावली पर केस डायरी में लिखे कागज फाइल में संलग्न नहीं है। गौरतलब है कि सतर्कता अधिष्ठान के पूर्व अधीक्षक राम सुभग राम कोर्ट के समक्ष शपथ पूर्वक बयान दर्ज करा चुके हैं। पूर्व मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के अंतर्गत आरोप तय किया गया है। सतर्कता अधिष्ठान प्रयागराज परिक्षेत्र के निरीक्षक राम सुभग राम ने 18 जून 2013 को थाने में पूर्व मंत्री के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था।