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High Court : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ठाकुर राधामोहन विराजमान की जमीन पर याची का दावा कर दिया खारिज

Mon, 12 Sep 2022 11:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची का कहना था कि राजपुर गांव. मथुरा की 10 एकड 15 बिस्वा जमीन उसके पूर्वजों की है। वह उत्तराधिकारी होने के नाते मालिक है। राज्य सरकार की ओर से विरोध किया गया। सरकार का कहना था कि जमीन ठाकुर पुलन विहारी जी महाराज विराजमान मंदिर की थी।
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कोर्ट - फोटो : demo photo
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ठाकुर राधामोहन जी महाराज विराजमान मंदिर मोहल्ला बाग अगर बिहारी बृंदावन, मथुरा की जमीन पर सोहनलाल शर्मा का पुश्तैनी हक होने का दावा खारिज करते हुए कहा है कि जमीन विराजमान मूर्ति की है। कोर्ट ने जिला प्रशासन को मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सोहनलाल शर्मा की याचिका पर दिया है।

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याची का कहना था कि राजपुर गांव. मथुरा की 10 एकड 15 बिस्वा जमीन उसके पूर्वजों की है। वह उत्तराधिकारी होने के नाते मालिक है। राज्य सरकार की ओर से विरोध किया गया। सरकार का कहना था कि जमीन ठाकुर पुलन विहारी जी महाराज विराजमान मंदिर की थी। राधामोहन दास प्रबंधक थे। उन्होंने 28 मई 1915 को जमीन ठाकुर राधामोहन जी महाराज विराजमान मंदिर को बैनामा कर दिया। याची का मंदिर की जमीन पर कोई अधिकार नहीं है। जमीन विराजमान मूर्ति की है। याची को इसे बेचने का अधिकार नहीं है।

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