शहर के सूबेदारगंज स्थित देश का इकलौता रेलपथ मशीन प्रशिक्षण केंद्र (आईआरटीएमटीसी) बुधवार 17 मई को 39 वर्ष का हो गया। सैकड़ों की संख्या में रेल कर्मियों एवं अफसरों को प्रशिक्षण दे चुके इस केंद्र का रेलवे अब विस्तार भी करेगा। इसके लिए रेल बजट की पिंक बुक में 11.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पहली किस्त में 30 लाख रुपये का आवंटन इसी वित्तीय वर्ष में हुआ है।
आईआरटीएमटीसी का उद्घाटन 17 मई 1984 को हुआ था। यहां रेलकर्मियों को रेल ट्रैक के रखरखाव से जुड़ी अत्याधुनिक मशीनों के संचालन में दक्ष बनाया जाता है। पटरी में आई तकनीकी खराबी को कैसे पहचाना जाए और उस समस्या का समाधान कैसे हो उसके बारे में यहां एक सप्ताह से लेकर छह माह तक का कोर्स कराया जाता है। हर वर्ष यहां तकरीबन 15 हजार रेलकर्मी देश के विभिन्न जोनल रेलवे से प्रशिक्षण के लिए आते हैं। इस तरह के प्रशिक्षण केंद्र विश्व में कुल तीन ही हैं।
सूबेदारगंज के अलावा इस तरह का केंद्र आस्ट्रिया के लिंज और युनाइटेड किंगडम के वाटफोर्ड में है। इस बार के रेल बजट में प्रशिक्षण केंद्र के विस्तार के लिए भी बजट आवंटित हुआ है। यहां नया क्लास रूम बनाए जाने के साथ एक ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही निगरानी प्रणाली से जुड़ी कई नई मशीनें आएंगी। एनसीआर के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रशिक्षण केंद्र में काफी कार्य होने हैं। यह बड़ी उपलब्धि है कि प्रशिक्षण केंद्र अपनी स्थापना के 40वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।