इससे जुड़े रिकार्ड गायब होने की जानकारी के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद की क्षेत्रीय सचिव नीना श्रीवास्तव ने तत्कालीन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी समेत छह लिपिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए निदेशक से संस्तुति मांगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की संस्तुति के बाद इस मामले में सचिव ने अपर सचिव एसपी द्विवेदी को संबंधितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा है। अपर सचिव ने दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भी तैयार करा ली है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस भर्ती में सिर्फ 15 मंडलों ने ही 2917 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांट दिया था। इनमें कुछ को छोड़कर अधिकांश मंडलों ने अभ्यर्थियों का सत्यापन कराना तक उचित नहीं समझा। 441 महिला व 301 पुरुष समेत कुल 742 अभ्यर्थियों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया था।
विभागीय सूत्रों के अनुसार सारी गड़बड़ी उच्चाधिकारियों के दबाव में जल्दबाजी में की गई थी। अफसरों ने अभ्यर्थियों का बिना सत्यापन कराए ही नियुक्ति पत्र बांट दिए थे। इसी वजह से उस समय की आगरा, मेरठ, कानपुर, लखनऊ, बरेली, मिर्जापुर समेत कई मंडलों में हुई सहायक अध्यापक पदों पर भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
वर्ष 2014 की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के दौरान टेबलेशन रजिस्टर बदलकर मेरिट में हेराफेरी के मामले में छह कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा गया है, लेकिन कुछ लोगों की शिकायत पर इस मामले में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने अपर निदेशक स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर नए सिरे से जांच कराने का आदेश जारी किया है। टेबलेशन रजिस्टर बदलकर मेरिट में हेराफेरी कर कितने पदों पर नियुक्तियां की गई थीं, इसका ब्यौरा बिना फाइल देखे नहीं दिया जा सकता। नीना श्रीवास्तव, सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी मामले में अभी कुछ नहीं कह सकता। इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पत्रावली परिषद की सचिव ने ही भेजी थी। वह इस प्रकरण में ज्यादा जानकारी दे पाएंगी। विनय कुमार पांडेय निदेशक माध्यमिक शिक्षा।