कंट्रोलरूम में अब बाहर से आने वालों की नहीं, बल्कि राशन नहीं मिलने की शिकायतें आ रही हैं। गांव से ही नहीं, बल्कि शहर के भी कोटेदारों के मनमानी की शिकायत आ रही है। जिला प्रशासन के चार कोटेदारों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी मनमानी पर अंकुश नहीं लग रहा है।
शहर के सगरा निवासी सीमा तिवारी और शुकुलपुर के विनोद शुक्ला ने फोनकर शिकायत की है कि कोटेदार उन्हें राशन नहीं दे रहा है। लक्ष्मणपुर के साहबगंज की सावित्री देवी और बेलखनाथधाम के राम गनेश ने फोन कर कोटेदार पर मनमानी की शिकायत की है।
सदर तहसील स्थित कंट्रोलरुम में फोन घनघनाते ही अफसरों ने पूर्ति निरीक्षकों, लेखपालों को राशन मुहैया कराने को कहा है। सवाल यह उठता है कि जब किसी लाभार्थी का राशनकार्ड बना हुआ है, तो कोटेदार उसे राशन क्यों नहीं दे रहा है।
फिलहाल यह समस्या कोई नई नहीं है, एक अप्रैल से जब राशन वितरण प्रारंभ हुआ, तब से ऐसी ही शिकायतें आ रही है। हालांकि अफसर इन समस्याओं का निस्तारण करने में लगे हुए हैं।
तहसीलदार सदर मनीष कुमार ने बताया कि जैसे ही शिकायत मिलती है, संबंधित विभाग के अफसरों को फोन कर तुरंत राशन दिलाने को कहा जाता है।