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शादियों की खुशियों पर कोरोना की बड़ी चोट

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कोरोना महामारी के खौफ ने हजारों परिवारों में बधाई बजने की खुशियों पर परदा डाल दिया है। लॉकडाउन की वजह से जिले में चालू सीजन में तय हो चुकी पांच हजार से अधिक शादियों की बुकिंग निरस्त हुई है। शादियों के जयमाल और मंडप सजाने वालों से लेकर टेंट और भांगड़ा जैसे कारोबार पर आश्रित बड़ी संख्या में मजदूर परिवारों की जीविका प्रभावित हुए हैं। पूरे सीजन पर संकट की काली छाया मंडराने से इस सेक्टर को 50 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगने का अनुमान है।
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कोरोना वायरस से बचने के लिए देश भर में हुए लॉकडाउन का व्यापक असर लोगों की खरमास बाद शुरू होने वाली इस सीजन की खुशियों पर पड़ा है। महीनों पहले से तय शादियों के लिए गेस्ट हाउस, माली, रोड लाइट, दूल्हों के लिए बग्घिया-घोड़े, डीजे बैंड, बैंड बाजा, भांगड़ा व हलवाई की बुकिंग हो चुकी थी। इसके लिए लोगों ने अतिरिक्त भुगतान भी किया है, लेकिन लॉक डाउन की वजह से शादियां अब निरस्त हो गई हैं।
प्रयागराज लाइट एंड साउंड एसोसिएशन के महामंत्री अंजुम अली खान बताते हैं कि जिले भर में दो हजार से अधिक बैंड पार्टियां हैं। कुछ बैंड पार्टियों के पास 15 से 20 बुकिंग थी, तो कुछ के पास दो-तीन शादियों की बुकिंग थी। औसतन शहर से देहात तक अगले जून महीने तक की शादियों के लिए हुई पांच हजार से अधिक बुकिंग निरस्त हुई है। इससे इस व्यवसाय पर आधारित मजदूर परिवारों की हालत खस्ता हो गई है। बुकिंग कैंसिल होने के बाद अब लोग एडवांस भुगतान वापस करने के लिए भी दबाव बना रहे हैं। इससे किचकिच भी शुरू हो गई है।
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एसोसिएशन के संरक्षक संजय अग्रवाल बताते हैं कि ऐसा दुर्दिन कभी सोचा भी नहीं गया था। जनवरी शादियों का सीजन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार खरमास उतरने के बाद अप्रैल, मई, जून माह तक कहीं भी एक भी शादी नहीं होगी। लॉकडाउन की वजह से सभी बुकिंग निरस्त करने के लिए शासन की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया है। ऐसे में शादियां कैंसिल हो जाने से पूरा सीजन हाथ से निकल गया है। अब दीपावली तक कोई काम नहीं मिलने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में इस मुश्किल का दौर को काटना आसान नहीं होगा। वह बताते हैं कि बीते मार्च से शुरू हुआ यह दौर आगामी नवंबर- दिसंबर तक करीब आठ-नौ माह तक चलने की बात कही जा रही है।
रोड लाइट साउंड कारोबार का पूरी तरह भट्ठा बैठ गया है। उम्मीद थी कि 15 अप्रैल के बाद लॉकडाउन हट जाएगा और शादियां शुरू हो सकेंगी, लेकिन प्रतिबंध जारी रहने से अब जून तक बुकिंग निरस्त करनी पड़ी है। अब अगर सरकार ने इस सेक्टर को मदद नहीं की तो इस आपदा से उबरना मुश्किल हो जाएगा। सुजीत कुमार यादव, अध्यक्ष-प्रयागराज
शादियों पर आधारित व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों और मजदूर परिवारों केपास कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। ऐसे में कमर पूरी तरह टूट गई है। सीधे तौर पर 50 हजार से अधिक मजदूर प्रभावित हुए हैं।
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रमेश यादव- मुख्य सलाहकार, प्रयागराज लाइट एंड साउंड एसोसिएशन
संसाधनों पर एक नजर
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2000 रोड लाइट
3000 बग्घी-घोड़ा
2000 डीजे बैंड
500 बैंड पार्टियां
500 हलवाई
400 गेस्ट हाउस
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