कोविड वैक्सीनेशन की सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए सोमवार को दूसरी बार आयोजित ड्राईरन में सर्वर ने खूब रुलाया। चाक चौबंद व्यवस्था के बीच स्क्रीन पर डमी पोर्टल पर दर्ज लाभार्थियों के नाम खोजने में दिक्कत हुई। हालांकि इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराई गई सूची से लाभार्थियों के नाम का मिलान कर पूर्वाभ्यास किया गया। हर केंद्र पर टीका लगने के बाद लाभार्थियों की निगरानी भी की गई।
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जिले के 46 केंद्रों पर दस से चार बजे तक 91 चक्र संचालित किए गए। डमी पोर्टल पर दर्ज सभी 1365 लाभार्थियों की टीकाकरण पूर्वाभ्यास में शतप्रतिशत उपस्थिति रही। मजिस्ट्रेट और एसीएमओ की मौजूदगी में टीम सदस्य मुस्तैद रहे। पहले कक्ष में लाभार्थियों के पहुंचते ही जब नाम का मिलान करने की प्रक्रिया शुरू की गई तो कहीं सर्वर ने दगा दिया तो कहीं नेट धीमा चलने से मैसेज मिलने में देरी से लाभार्थी परेशान हुए।
dry run in prayagraj
- फोटो : prayagraj
सुबह आठ बजे से पहुंचाई डमी वैक्सीन डोज
ड्राईरन से एक दिन पहले ग्रामीण इलाकों के सभी 20 सीएचसी पर रविवार को ही वैक्सीन बाक्स कोल्ड चेन के नियमों के तहत थर्मोकोल के बाक्स में पहुंचाए गए। वहीं शहरी इलाके के 15 नर्सिंग होम और 11 सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन डोज पहुंचाने का काम सुबह ठीक आठ बजे शुरू किया गया। सभी केंद्रों तक एक घंटे के भीतर वैक्सीन डोज पहुंचाने का काम किया गया।
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हर केंद्र में एईएफआई पर नजर, होगा लाभार्थी का ऑब्जर्वेशन
ड्राईरन के दौरान हर केंद्र के दस से चार बजे तक कम से कम एक लाभार्थी पर एईएफआई (आफ्टर इवेंट फालोइंग इम्युनेशन) टीकाकरण के बाद पड़ने वाले प्रभाव को देखने के निर्देश थे। कहीं एक तो कहीं-कही सभी लाभार्थियों पर टीके के प्रभाव पड़ने के बाद होने वाली दिक्कतों को दूर करने की कार्रवाई डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए रोमांच से भरा था।
निर्देश थे कि कोविड टीकाकरण प्रोटोकॉल के तहत पहले प्रपत्रों की जांच, टीकाकरण फिर ऑब्जर्वेशन जरूर किया जाएगा। टीम सदस्य लाभार्थी को टीकाकरण के बाद बुखार, उल्टी, शरीर पर चकत्ते जैसी परेशानियों के बताने पर उपचार करेंगे, उसका विवरण दर्ज किया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मियों ने ऑब्जर्वेशन की अलग से रिपोर्ट तैयार की है।
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वैक्सीनेटरों ने लाभार्थियों को दिए चार की नोट
कोरोना टीकाकरण से पहले सोमवार को वैक्सीनेटरों में प्रत्येक लाभार्थी को चार की नोट दिए। इसमें बताया गया कि कोविड वैक्सीन क्या है और क्यों लगाई जा रही है। अगली बार वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने कब आना है। टीका लगने के बाद यदि कोई गड़बड़ी होती है तो मेरा (वैक्सीनेटर) और संबंधित डॉक्टर का नंबर है, इस पर तुरंत संपर्क करें। अंत में बताया गया कि टीका लगने के बाद यह न माने कि संक्रमण का खतरा टल गया। कोविड प्रोटोकॉल के तहत उचित दूरी, मास्क लगाने और बार-बार साबुन से हाथ धोने के साथ सैनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें।
डीएम की मौजूदगी में सीएमओ ने लगवाई टीके की डमी डोज
ड्राईरन के दौरान क्रियाकलापों की निगरानी के लिए सभी केंद्रों पर एडीएएम, एसडीएम के साथ एसीएमओ की ड्यूटी लगाई गई थी। एमएलएन मेडिकल कॉलेज सेंटर पर निरीक्षण को पहुंचे जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी के सामने सीएमओ डॉ प्रभाकर राय इस पूर्वाभ्यास का हिस्सा बने। पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए उन्हें टीका लगाया गया। ऑब्जर्वेशन भी किया गया। नोडल अधिकारी कोरोना डॉॅ. ऋषि सहाय, नोडल अधिकारी कोरोना टीकाकरण डॉ राहुल सिंह के साथ अन्य चिकित्साधिकारी दोपहर बाद तक केंद्रों का भ्रमण कर जायजा लेते रहे। डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ के अफसर टीम के साथ ड्राईरन के संचालन पर नजर रखे थे।
ड्राईरन के दौरान सभी केंद्रों पर लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराई थी। जिन केंद्रो से सर्वर या नेट स्लो होेने की शिकायतें मिली हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा। व्यवस्था में कमी न हो इस लिए कोल्ड चेन, वाहनों और सूची की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। -डॉ राहुल सिंह, नोडल अधिकारी कोविड वैक्सीनेशन