प्रयागराज मेला प्राधिकरण की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में महीने भर बाद शुरू होने वाले माघ मेले में कोविड-19 के संक्रमण से कल्पवासियों, संतों और भक्तों को सुरक्षित रखने का मुद्दा छाया रहा। संगम की रेती पर मेले में जप, तप, ध्यान के लिए कल्पवासियों, संतों को प्रवेश तभी दिया जाएगा, जब वह कोविड-19 की निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट ले कर आएंगे। इसी तरह आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविरों में सर्वे कर कोरोना संक्रमित रोगियों का डेटाबेस तैयार करने का निर्णय लिया गया। कल्पवासियों का पखवारे भर के भीतर एंजीटन टेस्ट कराया जाएगा।
इसके अलावा प्राधिकरण से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। वर्ष पर्यंत होने वाले प्रमुख पर्वों को चिह्नित कर उनके आयोजन की जिम्मेदारी मेला प्राधिकरण को देने का प्रस्ताव रखा गया। इसके लिए प्राधिकरण की ओर से वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इसमें पर्वों की विस्तृत जानकारी रहेगी। माघ मेला में कल्पवासियों का पखवारे भर में एंटीजन टेस्ट करने के साथ ही उसकी रिपोर्ट डिजिटल फार्म में भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संक्रमितों की पहचान के लिए संस्थाओं के शिविरों का साप्ताहिक सर्वे भी किया जाएगा। हर संस्था से वहां रहने वाले कल्पवासियों के बारे में लिखित जानकारी ली जाएगी। मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने मेले में कोविड-19 की गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराने की हिदायत दी। आईजी केपी सिंह ने मेला क्षेत्र में किसी भी अवैध दुकान, निर्माण को होने से रोकने तथा सुरक्षा दृष्टि से पुलिस एवं प्रशासन को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। इस दौरान प्राधिकरण के तहत वित्तीय, प्रशासनिक और स्वच्छता से जुड़े एजेंडे पर बिंदुवार चर्चा हुई।
इस मौके पर डीएम के अलावा ब्रिगेडियर एस भार्गव, एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, पीडीए उपाध्यक्ष अंकित अग्रवाल, नगर आयुक्त रवि रंजन, कमांडेंट ओडी फोर्ट कर्नल विवेक दबास, कर्नल जीएस, कर्नल मनीष कुमार, कर्नल क्यू, कर्नल सचिन गहलावत, प्राधिकरण के सचिव दयानंद प्रसाद, एडीएम सिटी अशोक कन्नौजिया, प्रभारी मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी, सीएमओ डॉ प्रभाकर राय समेत कई अफसर उपस्थित थे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासनिक बोट्स चलाने का सुझाव
मेला प्राधिकरण की बैठक में डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा-यमुना के घाटों से प्रशासनिक बोट्स चलाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बोट क्लब, आर्मी एवं मेला प्राधिकरण को संयुक्त रुप से इस पर कार्य करने का सुझाव दिया।
मेला प्राधिकरण का एप और ई-पंचांग जल्द
मेला प्राधिकरण हर वर्ष ई-पंचांग निकालेगा। इसका वितरण ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक किया जाएगा। वर्ष 2021 के ई-पंचांग के लिए कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मेला प्राधिकरण की वेबसाइट और एप बनाने का भी काम शीघ्र शुरू होगा।