इलाहाबाद विश्वविद्यालय पर आधारित गीत गाकर विवादों में घिरीं लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने भले ही इविवि के विद्यार्थियों की छवि धूमिल करने की कोशिश की हो, प्रयागराज की गीतकार और गायिका डॉ.अर्चना त्रिपाठी ने रचनात्मक तरीके से ही उन्हें जवाब देने की सार्थक कोशिश की है। उनका गीत फेसबुक से लेकर यू ट्यूब चैनल पर अलग लोकप्रियता हासिल कर रहा है।
कहती हैं, ‘एयू में लेके एडमिशन, बबुआ करे कठिन परिश्रम, अपना माईबाप के सपना के निहाल कइलें हो, गजबे कमाल कइलें हो, सर सुंदरलाल छात्रावास, लड़िका करेंलें निवास, जीएन झा जी छात्रावास, साधक करेंगे प्रयास, हॉस्टल अमरनाथ झा में रहिके भौकाल कइलें हो, ई कमाल कइलें हो।’
भाषा विज्ञान से पीएचडी करने वाली शिवकुटी की डॉ.कहती हैं, नेहा को यहां आकर यहां के बारे में जानना चाहिए था। यहां की वास्तविकता को जाने-समझे बगैर अपने गीत के माध्यम से उन्होंने विवि और यहां के विद्यार्थियों की छवि धूमिल करने की कोशिश की। ऐसे में मैंने गीत के ही माध्यम से उनके सवालों का जवाब देते हुए सही तस्वीर पेश करने की कोशिश की।