डबल डेकर ट्रेन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
देश की तमाम स्थानों में चल रही डबल डेकर यात्री ट्रेन के बाद अब इलेक्ट्रिक रूट पर आने वाले दिनों में दो मंजिला कंटेनर ट्रेन भी चलती दिखेंगी। यह संभव कर दिखाया है केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन ( कोर ) प्रयागराज ने। कोर प्रयागराज के प्रयास से देश में पहली बार डबल-स्टैक इलेक्ट्रिक मालगाड़ी को रेल पटरी पर चलाना संभव कर दिया है।
गुजरात में कोर प्रयागराज के अहमदाबाद परियोजना यूनिट ने यह उपलब्धि दर्ज की है। इसे लेकर कोर महाप्रबंधक यशपाल सिंह ने पूरी टीम को बधाई दी है। वर्तमान समय देश के जिन रूटों पर डबल डेकर यात्री ट्रेन चल रही है वहां ओ एच ई की ऊंचाई नहीं बढ़ाई गई है। यूं तो देश के कुछ स्थानों पर दो मंजिला कंटेनर ट्रेन चल रही है लेकिन वह सभी डीजल के रूट हैं।
इलेक्ट्रिक रूट पर अभी तक दो मंजिला कंटेनर ट्रेन चलाना संभव नहीं था। ऐसा इसलिए क्योंकि दो मंजिला कंटेनर ट्रेन के लिए परंपरागत ओवरहेड इक्विपमेंट ( ओ एच ई) मैं लगे तार की रेलवे ट्रैक से 5.60 मीटर ऊंचाई रहती है। इस वजह से डबल डेकर माल गाड़ी चलाना इलेक्ट्रिक रूट पर संभव नहीं था। इसे देखते हुए वर्ष 2019 में तय हुआ कि ऐसे रूट जहां कंटेनर की आवाजाही ज्यादा है वहां ओ एच ई को ऊंचा किया जाए।
यह कार्य कोर प्रयागराज ने काफी कम समय में ही कर दिखाया और गुजरात में पालनपुर से बोटाड खंड तक कुल 270 रूट किलोमीटर इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर ओ एच ई की ऊंचाई 7.57 मीटर कर दी गई। यह काम करने के बाद यहां डबल स्टैक कंटेनर का ट्रायल के रूप में 10 जून को सफलता पूर्ण संचालन भी किया गया। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी वेस्टर्न सर्कल मुंबई द्वारा इस हाई राइज ओ एच ई रूट माल यातायात के खोलने के लिए निरीक्षण किया जा रहा है। कोर प्रयागराज के सीपीआरओ अमिताभ शर्मा ने बताया कि गुजरात में अभी कुल 608 रूट किलोमीटर इलेक्ट्रिक रूट पर अभी यह काम होना है।
आसान नहीं था काम सामने आई कई तकनीकी समस्याएं:- कोर प्रयागराज के सीपीआरओ बताते हैं कि यह काम करने के दौरान तमाम तकनीकी समस्याएं भी आई। इसमें ओ एच ई लाइन के ऊपर बने स्ट्रक्चर, फुट ओवर ब्रिज रोड ओवरब्रिज और हाईटेंशन लाइनों के रूप में तमाम संरचनाएं थी जिन्हें ऊपर उठाना जरूरी था। इसमें राज्य सरकार और संबंधित जोनल रेलवे का भी सहयोग मिला। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 566 करोड रुपए है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद आने वाले दिनों में कम समय में ज्यादा माल की ढुलाई हो सकेगी।