प्रतियोगी छात्रों ने सवाल उठाए हैं कि उच्च शिक्षा की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षा में कोई अभ्यर्थी 95 में से 92 सवाल कैसे सही कर सकता है, लेकिन राजनीति विज्ञान में ऐसा ही हुआ।
प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-50 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रतियोगी छात्रों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएएसी) में प्रदर्शन किया। साथ ही बाबा चौराहे से आयोग तक छात्रों ने जुलूस निकाला। छात्रों ने आयोग के सचिव के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर भर्ती परीक्षा के परिणाम की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। प्रतियोगी छात्रों ने सवाल उठाए हैं कि उच्च शिक्षा की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षा में कोई अभ्यर्थी 95 में से 92 सवाल कैसे सही कर सकता है, लेकिन राजनीति विज्ञान में ऐसा ही हुआ।
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इसी तरह शिक्षाशास्त्र, अंग्रेजी, बीएड, संस्कृत, भूगोल, रसायन विज्ञान, समाजशास्त्र, भौतिक विज्ञान आदि विषयों के परिणाम संदेह के घेरे में हैं। जितने सवालों के सही जवाब अभ्यर्थियों ने दिए हैं, उतने जवाब तो विशेषज्ञों के लिए देना भी मुश्किल है। प्रतियोगी छात्रोें ने भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से मांग की है कि परिणाम की उच्च स्तरीय जांच कराके दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
छात्रों ने तय किया कि भर्ती में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। 17 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। प्रदर्शन में सुनील मौर्य, डॉ. प्रदीप, डॉ. अमित शर्मा, रणवीर पाल, मनोज यादव, विकास चंदेल, जीएन शाक्य, सौरभ सिंह, सुनील पांडेय, मनीष कुमार, शैलेश पासवान, भानु कुमार, प्रदीप कुमार, शशांक, शैलेश, जोया, विवेक तिवारी, पवन कुमार आदि शामिल रहे।