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Contempt Of Court : डीसीपी ने अदालत से मांगी माफी...निलंबित दरोगा बहाल, बने नारकोटिक्स सेल के प्रभारी

Sat, 05 Oct 2024 04:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में तैनात रहे उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार दीक्षित की याचिका पर दिया है। इससे पहले कोर्ट ने याची जितेंद्र के निलंबन पर रोक लगाते हुए बहाली का आदेश दिया था।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हाईकोर्ट के आदेश को कागजी खानापूरी बताने वाले गाजियाबाद ट्रांस हिंडन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निमिष दशरथ पाटिल ने शुक्रवार को अदालत में पेश होकर माफी मांगी। बताया कि निलंबित उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार दीक्षित को नारकोटिक्स सेल के प्रभारी के रूप में तैनाती दे दी गई। हालांकि, मिले पद से याची ने असंतुष्टि जताई है। कोर्ट ने तैनाती आदेश को लेकर याची को नए सिरे से याचिका दाखिल करने की छूट दी है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में तैनात रहे उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार दीक्षित की याचिका पर दिया है। इससे पहले कोर्ट ने याची जितेंद्र के निलंबन पर रोक लगाते हुए बहाली का आदेश दिया था। याची को बहाल कर डीसीपी से व्यक्तिगत हलफनामा भी मांगा था। डीसीपी की ओर से एक सितंबर को हलफनामा दाखिल किया गया।

इसमें बताया कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए याची को बहाल कर दिया गया है। जबकि, याची के अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी की आपत्ति पर कोर्ट ने जिला जज गाजियाबाद की अध्यक्षता में कमीशन जारी कर पुलिस लाइंस जा कर डीसीपी के हलफनामे की वास्तविकता पर रिपोर्ट तलब की थी। बृहस्पतिवार की पेश जिला जज की रिपोर्ट में कोर्ट ने पाया की डीसीपी ने बहाली का आदेश पारित किया बिना झूठा हलफनामा कोर्ट में दाखिल किया था।
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खफा कोर्ट ने अवमानना कार्यवाही की संस्तुति भी कर दी थी, लेकिन अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी के गुजारिश पर मामले शुक्रवार तक स्थगित करते हुए आदेश के अनुपालन की मोहलत दी गई थी। साथ ही डीसीपी को फिर से तलब किया गया था।

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