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महिला सिपाही हत्याकांड: तहसीलदार के करीबियों पर कस सकता है पुलिस का शिकंजा

Tue, 22 Feb 2022 01:06 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

लखनऊ मुख्यालय में तैनात बिजनौर की रहने वाली महिला आरक्षी रुचि सिंह की गत दिनों लाश पीजीआई थाना क्षेत्र में नाले में मिली थी। लाश मिलने के बाद उसकी तीन दिनों बाद शिनाख्त हो सकी।
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Pratapgarh News : रुचि सिंह, महिला सिपाही। फाइल फोटो - फोटो : प्रतापगढ़
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विस्तार
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लखनऊ में तैनात महिला सिपाही रुचि सिंह की हत्या के आरोप में पुलिस की गिरफ्त में आए तहसीलदार रानीगंज के करीबियों पर कभी भी शिकंजा कस सकता है। पूछताछ के लिए कभी भी लखनऊ पुलिस आ सकती है। जबकि चुनाव पर असर न पड़े इसलिए रानीगंज विधानसभा का एआरओ बदलने के लिए जिला प्रशासन ने आयोग से अनुमति मांगते हुए तीन अधिकारियों के नाम भेजे हैं।

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लखनऊ मुख्यालय में तैनात बिजनौर की रहने वाली महिला आरक्षी रुचि सिंह की गत दिनों लाश पीजीआई थाना क्षेत्र में नाले में मिली थी। लाश मिलने के बाद उसकी तीन दिनों बाद शिनाख्त हो सकी। शिनाख्त के बाद पुलिस हरकत में आई। छानबीन के बाद लखनऊ पुलिस सोमवार को रानीगंज तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव व उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।

महिला सिपाही रुचि सिंह। - फोटो : amar ujala
मददगारों की तलाश में जुटी पुलिस

पूछताछ में तहसीलदार ने पुलिस को घटना की बाबत जुड़े कई जानकारी भी दी है। उनकी पत्नी पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिले में तहसीलदार के कई करीबी हैं। घटना में तहसीलदार ने किन लोगों से बातें साझा की थीं, हत्या में किसने मदद की थी, इसकी जानकारी के लिए पुलिस उसके करीबियों से पूछताछ कर सकती है।



कभी भी लखनऊ पुलिस रानीगंज, लालगंज व कुंडा में तैनाती के दौरान अभिन्न मित्र बने लोगों से पूछताछ करने आ सकती है। तहसीलदार रानीगंज पद्मेश श्रीवास्तव विधानसभा चुनाव के लिए रानीगंज के एआरओ बनाए गए थे। उनकी गिरफ्तारी को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने चुनाव आयोग को तीन दूसरे अधिकारियों के नाम भेजे हैं। 
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Pratapgarh News : पद्मेश श्रीवास्तव, आरोपी तहसीलदार। - फोटो : प्रतापगढ़
इश्क में पहले भी पुलिस अफसर जा चुके हैं जेल, दर्ज हुए हैं मुकदमे
जिले में तैनाती के दौरान कई पुलिस अफसर दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में जेल जा चुके हैं। कानपुर की छात्रा के साथ शारीरिक संबंध बनाने व उसके परिवार को प्रताड़ित करने के मामले में सीओ सिटी के पद तैनात रहे अमरजीत शाही जेल जा चुके हैं। इसके पहले सीओ सदर को भी जेल जाना पड़ा था। पिछले साल ही रानीगंज में तैनात सीओ नवनीत नायक के खिलाफ भी महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था। कई दरोगा भी दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुके हैं।
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