महिला सिपाही रुचि सिंह।
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मददगारों की तलाश में जुटी पुलिस
पूछताछ में तहसीलदार ने पुलिस को घटना की बाबत जुड़े कई जानकारी भी दी है। उनकी पत्नी पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिले में तहसीलदार के कई करीबी हैं। घटना में तहसीलदार ने किन लोगों से बातें साझा की थीं, हत्या में किसने मदद की थी, इसकी जानकारी के लिए पुलिस उसके करीबियों से पूछताछ कर सकती है।
कभी भी लखनऊ पुलिस रानीगंज, लालगंज व कुंडा में तैनाती के दौरान अभिन्न मित्र बने लोगों से पूछताछ करने आ सकती है। तहसीलदार रानीगंज पद्मेश श्रीवास्तव विधानसभा चुनाव के लिए रानीगंज के एआरओ बनाए गए थे। उनकी गिरफ्तारी को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने चुनाव आयोग को तीन दूसरे अधिकारियों के नाम भेजे हैं।
Pratapgarh News : पद्मेश श्रीवास्तव, आरोपी तहसीलदार।
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इश्क में पहले भी पुलिस अफसर जा चुके हैं जेल, दर्ज हुए हैं मुकदमे
जिले में तैनाती के दौरान कई पुलिस अफसर दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में जेल जा चुके हैं। कानपुर की छात्रा के साथ शारीरिक संबंध बनाने व उसके परिवार को प्रताड़ित करने के मामले में सीओ सिटी के पद तैनात रहे अमरजीत शाही जेल जा चुके हैं। इसके पहले सीओ सदर को भी जेल जाना पड़ा था। पिछले साल ही रानीगंज में तैनात सीओ नवनीत नायक के खिलाफ भी महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था। कई दरोगा भी दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुके हैं।