आरोप यह भी है कि वह बाहर से कमरे में ताला लगाकर जाता था। एक दिन किसी तरह वह होटल से निकली और फिर पुलिस से शिकायत की। नौ फरवरी को अयोध्या कोतवाली में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज कर लिया गया। इस मामले में उसके पिता काे भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि पुलिस अफसरों से शिकायत पर हिमांशु के साथ उसके पिता ने भी उसे जान से मारने की धमकी दी।
डेढ़ महीने तक दौड़ाती रही पुलिस
पीड़िता का आरोप है कि उसे डेढ़ महीने तक पुलिस दौड़ाती रही। घटना के बाद 21 नवंबर को उसने अयोध्या पुलिस के अफसरों से संपर्क किया तो उसे प्रयागराज जाने को कहा गया। यह भी कहा गया कि आरोपी प्रयागराज में तैनात है, ऐसे में वहीं कार्रवाई कराएं। वह इधर उधर चक्कर काटती रही लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 13 जनवरी को उसने प्रयागराज पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आकाश कुलहरि से शिकायत की तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। जांच के बाद आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया।