हाथरस कांड में राहुल और प्रियंका की गिरफ्तारी की खबर से कांग्रेसी काफी गुस्से में थे। शाम को चार बजे नेता बालसन चौराहे पर पहुंच गए। वे हाथों में सरकार मुर्दाबाद के पोस्टर और बैनर लिए हुए थे। कई पोस्टरों में राहुल और प्रियंका को तुरंत रिहा करने के नारे लिखे गए थे। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस को इसकी भनक पहले से ही थी। कई थानों की फोर्स ने चौराहे के पूरी तरह से घेर लिया था। पुलिस ने उन्हें समझाकर हटाने की कोशिश की तो एक दूसरे का हाथ पकड़कर मानव श्रंखला बनाई गई और जाम लगा दिया गया।
करीब घंटे भर तक कांग्रेस का प्रदर्शन चलता रहा। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि बिटिया को इंसाफ दिलाने तक प्रदर्शन चलता रहेगा। राहुल प्रियंका की गिरफ्तारी से साफ है कि सरकार उनसे डर गई है। कांग्रेसियों की दावा है कि उन्होंने हाथरस कांड और राहुल-प्रियंका की गिरफ्तारी के विरोध में सीएम का पुतला भी फूंका। सीओ कर्नलगंज ने बताया 23 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने चक्काजाम का प्रयास किया था। न तो वहां पुतला फूंका गया, न ही इसका प्रयास किया गया।
प्रदर्शन में एनएसयूआई के पूर्वी यूपी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय संयोजक जितेश मिश्र, जिलाध्यक्ष क्रांतिवीर, इकाई अध्यक्ष सत्यम कुशवाहा समेत कांग्रेस कार्यकर्ता संजय तिवारी, राम किशुन पटेल, अखिलेश यादव, जीतेंद्र मिश्रा, राजेश , अशफाक अहमद, अक्षय यादव, इरशाद उउल्ला, एहतशाम अहमद, गीता भारती जीशान अहमद, विपिन मिश्र, वरुन मिश्र, शहजादुलहक, फरीद अब्बासी, प्रशांत शुक्ला, तिशभ शुक्ला, अमित मिश्रा, अंकित, अभिषक राय आदि शामिल थे।
एडीएम को सौंपा ज्ञापन
प्रयागराज। हाथरस की बेटी से दुष्कर्म की घटना के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम सिटी को देकर कहा है कि हाथरस की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया। एक दलित बेटी से दरिंदगी कर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों पर कड़ी धाराएं लगाने के बजाए पुलिस ने आठ दिन तक एफआईआर नहीं लिखी। पीड़िता को छह दिनों तक नॉर्मल वार्ड में रखा गया। मांग की गई कि दोषियों को फांसी दी जाए। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में एनडी तिवारी, रामकिशन पटेल, नफीस अनवर, सुरेश यादव, अशफाक, देवराज उपाध्याय, भोला तिवारी, अनिल पांडेय, अंजुमन, पूनम सिंह, अशोक गौतम, इश्तिशक अहमद, गीता भारती, एफआरसी, किशोर वार्ष्णेय, फुजैल हाशमी, प्रदीप द्विवेदी आदि थे।