इलाहाबाद हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को जनहित याचिका दाखिल कर कांग्रेस के 99 सांसदों को अयोग्य घोषित करने, पार्टी का पंजीकरण रद्द करने व चुनाव चिह्न जब्त करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव के दौरान जारी गारंटी कार्ड में गरीब, पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यकों को चुनाव बाद 8500 रुपये प्रतिमाह देने का झूठा वादा कर वोट के लिए लालच दिया गया। यह कार्य लोक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है।
यह याचिका फतेहपुर के सामाजिक कार्यकर्ता भारती सिंह की ओर से अधिवक्ता ओपी सिंह व शाश्वत आनंद ने दाखिल की है। याचिका में कहा है कि कांग्रेस ने गारंटी कार्ड जारी किया, जिस पर अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व राहुल गांधी के हस्ताक्षर अंकित हैं। वायदा पत्र संग एक रसीद लोगों को दी गई। ताकि, लोगों को विश्वास हो जाए कि जिसके पास रसीद होगी, उन्हें कांग्रेस के पक्ष में वोट देने के बाद 8500 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
इस संबंध में पूर्व में केंद्रीय चुनाव आयोग के संज्ञान में मामला लाया गया। चुनाव आयोग ने कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों को एक एडवाइजरी नोटिस दो मई 2024 को जारी किया। लेकिन, कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने नोटिस के बाद भी गारंटी कार्ड वापस नहीं लिया। कांग्रेस का यह कार्य लोक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है। साथ ही बीएनएस के अंतर्गत अपराध है।