फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं रहे कामरेड जियाउल हक, नेवादा कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक

Mon, 23 Nov 2020 12:52 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
prayagraj news : कामरेड जिया उल हक - फोटो : prayagraj
विज्ञापन
वयोवृद्ध पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी कामरेड जियाउल हक नहीं रहे। रविवार को अपने हेस्टिंग रोड स्थित आवास पर ही उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते तकरीबन चार वर्षों से उनकी याददाश्त काम नहीं कर रही थी। बेटे समीर अकबर के मुताबिक शनिवार की रात से ही उन्हें सांस लेने में तकलीफ शुरू हुई जो बढ़ती ही गई और रविवार को दिन में तकरीबन तीन बजे उनकी सांसें थम गईं। वह पूरे सौ बरस के थे।
विज्ञापन


पिछली 12 अक्तूबर को ही उनकी पत्नी डॉ.रेहाना बशीर नहीं रहीं। जियाभाई अपने पीछे दो बेटों, बहुओं से भरा परिवार छोड़ गए हैं।  एशा की नमाज के बाद घर पर ही हरी मस्जिद के हाफिज हमजा ने नमाजे जनाजा पढ़ाई और फिर उन्हें नेवादा कब्रिस्तान में ले जाकर सुपुर्दे खाक किया गया। इससे पहले हरी मस्जिद के मोहम्मद मुसाफिर ने गुसुल कराया। उनके इंतकाल की खबर सुनकर उन्हें आखिरी सलाम कहने के लिए लोगों का उनके घर पर आने का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं विदेशों से भी परिजनों, करीबियों ने शोक संदेश भेजकर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें