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कंप्यूटर आपरेटर की हत्या का मामला : 24 घंटे बाद माने परिजन, तब पीएम के लिए भेजा गया शव, एक हिरासत में

Thu, 17 Mar 2022 08:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बुधवार दोपहर में तीन बजे के करीब घटना के बाद परिजनों ने शव उठाने का विरोध कर दिया था। पुलिस अफसरों ने समझाया लेकिन उनका कहना था कि बाहर रहने वाले परिजनों के आने के बाद ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
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Prayagraj News : घटना के बाद मौके पर तैनात पुलिस। - फोटो : प्रयागराज
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बेरहमी से मौत के घाट उतारे गए कंप्यूटर ऑपरेटर मंगला प्रसाद पांडेय(40) का शव 24 घंटे बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। पुलिस घटना के बाद से मान-मनौव्वल में लगी रही और बृहस्पतिवार दोपहर बाद परिजन राजी हुए। परिजनों ने मुकदमे की रंजिश में हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए सात नामजद समेत आठ पर केस दर्ज कराया है। इनमें मृतका के पिता के हत्यारोपी लवकुश उर्फ राजा पांडेय का भी नाम शामिल है जो जेल में बंद है। पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है। 

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बुधवार दोपहर में तीन बजे के करीब घटना के बाद परिजनों ने शव उठाने का विरोध कर दिया था। पुलिस अफसरों ने समझाया लेकिन उनका कहना था कि बाहर रहने वाले परिजनों के आने के बाद ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।




शुक्रवार दोपहर तक सभी परिजन आ गए। परिवारवाले मृतक के पुत्र के  बालिग होने पर नौकरी, मुआवजे, शस्त्र लाइसेंस और परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की मांग उठाई। अफसरों ने इस संबंध में उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया, तब जाकर परिजन माने। इसके बाद दोपहर ढाई बजे के करीब शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। 

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एक आरोपी हिरासत में
मामले में मृतक के भाई विजय पांडेय की तहरीर पर सात को नामजद करते हुए कुल आठ लोगों पर केस दर्ज कराया गया है। इनमें लवकुश पांडेय उर्फ राजा पांडेय, चंद्रमा प्रसाद पांडेय, राहुल द्विवेदी, राजधर द्विवेदी, कमलेश पांडेय, चंद्रशेखर पांडेय, विद्याकांत विश्वकर्मा व वाहन चालक नाम पता अज्ञात शामिल हैं। इनमें से राजा पांडेय मृतक के पिता की हत्या के मामले में ही जेल में निरुद्ध है और इसी मुकदमे में मृतक गवाह था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नामजद आरोपियों में से राजधर द्विवेदी को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। 



बाराबंकी आरटीओ में पंजीकृत है क्वालिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि घटना में प्रयुक्त क्वालिस गाड़ी बाराबंकी आरटीओ में पंजीकृत है। इसे कई बार बेचा व खरीदा गया है। वाहन का वर्तमान मालिक लखनऊ के चिनहट का है। उससे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया है कि टायर फटने के बाद उन्होंने कुछ लोगों को गाड़ी से उतरकर भागते देखा था। लेकिन बहुत दूर होने की वजह से किसी को पहचाना नहीं जा सका। 
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एक दिन पहले मुंगारी टोल प्लाजा से गुजरा था वाहन
पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि हत्या में जिस क्वालिस का प्रयोग हुआ, वह एक दिन पहले मुंगारी टोल प्लाजा से होकर गुजरी थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने से पता चला है कि क्वालिस रात में टोल प्लाजा से गुजरी। फुटेज के जरिए उसमें सवार लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि नामजद आरोपियों में से कोई टोल प्लाजा से गुजरते वक्त क्वालिस में सवार था या नहीं। 




तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात
उधर घटना को लेकर गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई है। मृतक के तीन बच्चे हैं जिसमें सबसे बड़ी बेटी श्वेता (16), पुत्र प्रियांशु (14) व आशु (12) है। पत्नी बबिता व बच्चों का को रो-रोकर बुरा हाल है।




एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। घटना के संबंध में कुछ अहम क्लू मिले हैं। जल्द ही हत्यारे गिरफ्तार किए जाएंगे। - अजय कुमार, एसएसपी
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