न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय के फर्जी हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री से शिकायत करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। शिकायती पत्र में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एमएलएन मेडिकल कॉलेज के तीन विभागाध्यक्ष समेत 12 डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, अमर उजाला से बातचीत में न्यायमूर्ति मालवीय ने अपने हस्ताक्षर से ऐसा कोई पत्र जारी करने की बात को सिरे से खारिज किया है।
बता दें कि पांच दिसंबर 2019 को भेजे गए शिकायती पत्र में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सरकारी डॉक्टरों के उन अस्पतालों का भी ब्यौरा दिया गया है, जहां वह मरीजों का उपचार करते हैं। कई ऐसे चिकित्सकों का भी जिक्र है, जो अपने आवास पर मरीजों को देखने के साथ अस्पताल का संचालन भी करते हैं।
न्यायमूर्ति मालवीय का कहना है कि यह गंभीर मामला है। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। वैसे इस मामले में मैं व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखने के साथ ही उनसे बात भी करूंगा।