पाकिस्तान में कट्टरपंथियों द्वारा मंदिर में हिंसा, तोड़फोड़ व आगजनी के लिए वहां के प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए शुक्रवार को सिविल न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। परिवाद पर बहस के बाद न्यायालय द्वारा मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है।
शुक्रवार को दोपहर बाद आल इंडिया रूरल बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल की ओर से इस मामले में दाखिल परिवाद पर सुनवाई प्रारंभ हुई। याचिकाकर्ता के वकील रमेश पांडेय व अनिल तिवारी महेश ने कोर्ट में कहा कि पाकिस्तान में गणेश भगवान के मंदिर में आगजनी व पूजन सामग्री नष्ट किए जाने से देश के लोगों में आक्रोश है। इस घटना से हिंदुओं की आस्था आहत हुई है।
पाकिस्तान में इस आपराधिक घटनाक्रम पर वहां की पुलिस मूकदर्शक बनी रही। अधिवक्ताओं ने कोर्ट में कहा कि इस घटना के लिए पाकिस्तान के पीएम इमरान खान सीधे जिम्मेदार हैं और उनके द्वारा ही भारत की आंतरिक शांति व संप्रभुता को बिगाड़ने का षड़यंत्र रचा गया। पाकिस्तान के पीएम के इस कृत्य को संज्ञान में लेकर भारतीय कानून के मुताबिक सिविल न्यायालय में राजद्रोह का मुकदमा चलाए जाने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई करते हुए सिविल जज ललिता यादव ने याचिकाकर्ता का बयान दर्ज करने के साथ ही इसके सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तारीख तय की है।