मोबाइल से सामने आएगा मौत का सच
घटना के बाद पुलिस ने कमरे की जांच की, लेकिन घटनास्थल से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में संजीव ने फंदा किन कारणों से लगाया है। इसके बारे में पता नहीं चल सका है। वहीं, पुलिस को संजीव का मोबाइल मिला है, जिसको कब्जे में ले लिया गया है। कर्नलगंज थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि आत्महत्या का कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है।
चार भाईयों में सबसे छोटा था संजीव
संजीव के पिता रामलोटन मौर्या किसान हैं। उन्होंने बताया कि चार भाईयों में संजीव सबसे छोटा था। वह पढ़ाई में बहुत तेज था। दो दिन पहले साेमवार को संजीत और संजीव घर आए थे। इस दौरान संजीव की सबसे बातचीत भी हुई। लेकिन, लगा ही नहीं कि उसके मन आत्महत्या की बात चल रही है। अगर पता होता तो उसे कभी वापस प्रयागराज नहीं आने देता। वहीं, बुधवार दोपहर संजीव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जहां देर-शाम परिजन शव को लेकर अपने मूलगांव रवाना हो गए हैं।