यूनिट में तैनात कर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि गर्मी के दिनों में अपने घरों की वायरिंग जरूर चेक करवाएं। तारों और बिजली बोर्ड पर अधिक लोड नहीं दें। अगर कहीं भी जर्जर तार दिख रहा है तो उन तारों को बदलवां लें। इसके अलावा गाड़ियों में भी समय-समय पर वायरिंग की जांच करते रहें। वहीं, अपने घरों बालू को भी जरूर रखने की कोशिश करें, ताकि दुर्घटना होते ही तुरंत बालू डालकर आग को बुझाया जा सके। उन्होंने बताया कि फायर यूनिट में तैनात कर्मियों को आग बुझाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इन-इन बिंदुओं का रखना होगा ख्याल
- हुक्का पीने के बाद चिलम की आग को पूर्णरूप से बुझा दीजिए।
- बीड़ी या सिगरेट के टुकड़े को पैर से कुचलकर बुझा देना चाहिए।
- खलिहान को तालाब के पास या अन्य पानी के साधनों के पास स्थापित कीजिए।
- खलिहान के चारों ओर पानी के भरे घड़े व मिट्टी के ढेर उपलब्ध रखिए।
- खलिहान से कम से कम 100 फुट की दूरी पर खाना बनाइए या धूम्रपान कीजिए।
- खलिहान व मकान, रेलवे लाइन से कम से कम 100 फुट की दूरी पर बनाइए।
- पुआल व कंडों के ढेर को सूखने पर निवास स्थान से 100 फुट की दूरी पर लगाइए।
- चिराग का प्रयोग करने के बाद पूर्ण रूप से बुझा दीजिए।
- चूल्हे के ईंधन की चिंगारियों व गरम राख को ठंडा करके फेंकिए।
- रसोई घर की छत टीन से बनाएं, फूस से बना है तो अंदर मिट्टी का लेप लगाएं।
- घी व तेल की आग को बालू व मिट्टी से ढककर बुझाएं।
- गैस चूल्हे को हमेशा सिलेंडर से ऊपर रख कर खाना बनाएं।
- लीकेज की दशा में हमेशा रेगुलेटर की नाब बंद कर दें तथा ज्वलनशील सामग्री से दूर रखें।
ऐसा करने से बचें
- बिस्तर में लेट कर धूम्रपान न करें।
- हुक्का पीने के बाद चिलम की आग को जलता न छोड़ें।
- नंगे चिराग व कुप्पियों को जलता न छोड़िए।
- चूल्हे की चिंगारी व गरम राख कूड़े के ढेर पर मत फेंकिए।
- घी व तेल की आग पर पानी मत डालिए।