पहले फेज में करछना से फूलपुर के बीच फोर लेन के 23 किमी सड़क का निर्माण कराया जाना है। इसमें गंगा नदी पर एक पुल भी प्रस्तावित है। इसके लिए इन दोनों तहसीलों के अंतर्गत 45 गांवों में 194.57 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है।
रिंग रोड के पहले फेज का काम महाकुंभ-2025 से पहले पूरा होना है। इसका काम भी शुरू हो गया है लेकिन बड़ी संख्या में काश्तकारों को अब भी मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने अलगग-अलग कारण बताते हुए आपत्तियां दर्ज करा रखी हैं। ऐसे में डीएम ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार को मौके पर जाकर इनके निस्तारण का निर्देश दिया है।
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पहले फेज में करछना से फूलपुर के बीच फोर लेन के 23 किमी सड़क का निर्माण कराया जाना है। इसमें गंगा नदी पर एक पुल भी प्रस्तावित है। इसके लिए इन दोनों तहसीलों के अंतर्गत 45 गांवों में 194.57 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। इसमें 144.56 हेक्टेयर निजी भूमि है। इनके अधिग्रहण के एवज में काश्तकारों को 242 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। इसमें से 198 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है।
शेष काश्तकारों ने आपत्तियां दर्ज कराते हुए मुआवजा लेने से इन्कार कर दिया है। कई के वरासत को लेकर भी विवाद है। डीएम नवनीत सिंह चहल ने बुधवार को प्रशासन और निर्माण संस्था एनएचआईए के अफसरों संग बैठक कर पूरी जानकारी ली। साथ ही तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों तथा लेखपालों से मौके पर जाकर आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने वरासत के मामलों का यथाशीघ्र निस्तारण कर मुआवजा दिए जाने के निर्देश दिए।
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बैठक में बताया गया कि कई काश्तकारों से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। डीएम ने ऐसे काश्तकारों को चिह्नित और संपर्क करके जल्द से मुआवजा देने तथा अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदंबा सिंह, एडीएम नजूल प्रदीप कुमार, सीआरओ कुंवर पंकज आदि मौजूद रहे।