तमाम लोग इस झांसे में आ गए। लोगों ने करोड़ों रुपये विभिन्न स्कीमों में लगा दिए, लेकिन कंपनी ने किसी को एक पैसा वापस नहीं किया। पहले तो कंपनी के कर्मचारी तमाम बहाने बनाते रहे। कुछ समय बाद उन लोगों ने फोन उठाने बंद कर दिए। लोग जब संस्थान के दफ्तर पहुंचे तो वहां ताला लटकता मिला। संस्थान की अन्य कंपनियों के दफ्तर भी बंद मिले। इसके बाद भुक्तभोगियों को आशंका हुई। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। इस बीच संस्थान के कुछ कर्मचारियों ने भुक्तभोगियों को जान से मारने की धमकी भी दी।
निवेशकों में शामिल राम लखन पाल तथा 13 अन्य भुक्तभोगियों ने शाहगंज थाने में तहरीर दी। पुलिस ने पृथ्वी पाल समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। एसओ शाहगंज ने बताया कि पुलिस संस्थान के लीडर रोड स्थित दफ्तर गई थी। वहां ताला लगा मिला। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
ठगी के शिकार
1-राम लखन पाल 10 लाख रुपये
2-शिवशंकर द्विवेदी 15 लाख रुपये
3-पुरुषोत्तम कुशवाहा 1 लाख 94 हजार रुपये
4-राम अक्षयवर मौर्य 18 लाख 64 हजार रुपये
5-अनिल कुमार 37 लाख 13 हजार रुपये
6-राम नरेश वर्मा 2 लाख 77 हजार रुपये
7-शशिकांत गौतम 20 हजार
8-सुनील कुमार शुक्ला 10 लाख 35 हजार रुपये
9-राकेश मौर्या 10 लाख 77 हजार रुपये
10-राम मिलन कुशवाहा 1 लाख 50 हजार रुपये
11-श्रीमती कमला देवी 10 लाख 30 हजार रुपये
12- श्याम कुशवाहा 15 लाख रुपये
13- देवीदीन प्रजापति 16 लाख 55 हजार रुपये
14-जगदीश चंद्र 3 लाख 38 हजार रुपये
कंपनी के पदाधिकारी
1-पृथ्वी पाल सिंह सेठी, जोगेश्वरी वेस्ट, मुंबई
2-अवधूत मंडल, बर्दवान, पश्चिम बंगाल
3-अमित मिश्रा, स्ट्रेची रोड, सिविल लाइंस
4-अजय कुशवाहा, एडीए कालोनी नैनी
5-राम सजीवन मौर्या, एडीए कालोनी नैनी
6-गुलाब शंकर कुशवाहा, गंगा नगर राजापुर
7-राम आसरे प्रजापति, ललौली, फतेहपुर
8-सुरेंद्र कुमार कुशवाहा, झूंसी