शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चल रहे इंटरव्यू को रोक दिए जाने से अभ्यर्थियों के बीच हड़कंप की स्थिति है। अभ्यर्थी लगातार आयोग के चक्कर लगा रहे हैं और अफसरों से पूछ रहे हैं कि अब क्या होगा। जल्दबाजी में हुए फैसले के कारण अफसर भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि इंटरव्यू दोबारा कब शुरू होंगे। अगर दो-तीन दिनों में स्थिति स्पष्ट नहीं होती है तो आयोग की ओर से शासन को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा ताकि असमंजस की स्थिति खत्म हो सके।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में इन दिनों एपीओ 372 और एलोपैथी चिकित्साधिकारी के 3286 पदों के लिए इंटरव्यू चल रहे हैं। इसके बाद प्रवक्ता अभियांत्रिकी अभियंत्रण, अग्निशमन अधिकारी, शोध सहायक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, प्रवक्ता माइक्रोबायोलॉजी, प्रवक्ता भौतिकी, प्रवक्ता प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, प्रवक्ता संगीत, व्यवस्था अधिकारी, उपक्रीड़ाधिकारी, प्रवक्ता ब्लड बैंक, कर्मशाला अनुदेशक, अनुदेशक पाककला, प्रवक्ता शालाक्य, क्रीड़ाधिकारी, प्रवक्ता फिजियोलॉजी, प्रवक्ता इपिमोलॉजिस्ट, प्रवक्ता फार्मोकोलॉजी, कुलसचिव आदि पद के लिए इंटरव्यू होने हैं। ये सभी इंटरव्यू मई तक होने हैं, लेकिन अब इन सभी पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई है।
इंटरव्यू पर रोक लग जाने से अभ्यर्थी परेशान हैं। उनके बीच उहापोह की स्थिति है। कोई अभ्यर्थी भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा पूरी कर रहा है तो इस बात से परेशान हैं कि इंटरव्यू नहीं हुए तो पूरी मेहनत बेकार चली जाएगी। बृहस्पतिवार को भी आयोग के बाहर तमाम अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा रहा और सभी यह जानने के लिए परेशान रहे कि आगे क्या होगा। शासन के निर्देश पर आयोग ने इंटरव्यू पर रोक तो लगा दी, लेकिन आयोग के अफसर भी स्पष्ट नहीं हैं कि आगे क्या करना है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक अफसरों ने अध्यक्ष के साथ इस पूरे पर बैठक की और तय हुआ कि दो-तीन दिनों के भीतर आयोग की ओर से शासन को पत्र भेजा जाएगा और शासन से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा ताकि अभ्यर्थियों को उचित जवाब दिया जा सके और उहोपोह की स्थिति पर विराम लगे।