विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन पंजीकरण
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) भविष्य में केवल ऑनलाइन आवेदन लेने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा आयोग ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को भी डिजिटलाइज्ड करने की कवायद तेज कर दी है। इस दिशा में काम शुरू कर दिया है और संस्थाओं से बातचीत भी की जा रही है। हालांकि, इसके लिए आयोग को शासन से बजट की जरूरत पड़ेगी।
मौजूदा व्यवस्था में आयोग ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन आवेदन भी लेता है। ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी हार्डकॉपी जमा कराई जाती है, जिसे ऑफलाइन आवेदन का नाम दिया गया है। आयोग के अफसरों को मानना है कि ऑफलाइन आवेदन के कारण तकरीबन एक माह का अतिरिक्त समय लगता है। इस अतिरिक्त समय की बचत के लिए आयोग ने निर्णय लिया है कि अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन आवेदन भी जमा कराया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन की समय सीमा पूरी होने एक हफ्ते बाद तक ही ऑफलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इससे 21 दिनों की बचत होगी। इस व्यवस्था को आयोग ने आगामी सीधी भर्ती के तहत होने वाली स्क्रीनिंग परीक्षाओं के लिए लागू कर दिया है। पीसीएस-2018 के लिए भी इसे लागू किया जाएगा। इसकी अगली कड़ी में आयोग केवल ऑनलाइन आवेदन लिए जाने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है।
इसे तत्काल लागू करने में यह अड़चन सामने आ रही हैं कि आयोग के पास ऑनलाइन आवेदनों को सुरक्षित रखने की कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। इसके लिए अलग से सर्वर लगाना होगा और किसी एक एजेंसी को आवेदनों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी देनी होगी। मौजूदा व्यवस्था में ऑफलाइन आवेदनों की फाइलें बनाकर कर रख ली जाती हैं और प्रतियोगियों से संबंधित सभी सूचनाएं आयोग के पास सुरक्षित हो जाती हैं। इसके अलावा आयोग आने वाले दिनों में कुछ छोटी परीक्षाओं को केवल ऑनलाइन मोड में कराने की तैयारी कर रहा है। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि कुछ परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने और आयोग की परीक्षाओं में केवल ऑनलाइन आवेदन के लिए एजेंसियों से बातचीत चल रही है। इस व्यवस्था के लागू होने से समय की काफी बचत होगी और परीक्षा परिणाम निर्धारित समय पर घोषित किए जा सकेंगे।