एक अभ्यर्थी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि एपीएस-2013 की भर्ती में शॉर्ट हैंड परीक्षा में फेल अभ्यर्थियों को नियमाें के विपरीत गलती में आठ फीसदी की छूट देकर तीसरे चरण की कंप्यूटर ज्ञान की परीक्षा के लिए क्वालीफाई कराया गया। इस मसले पर बाद में शासन की ओर से भी पत्र जारी कर कहा गया कि नियमावली में शॉर्ट हैंड में गलती पर छूट दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है।
ऐसे में वर्ष 2013 में गलत विज्ञापन जारी किया गया था, क्योंकि उसमें गलती पर छूट का प्रावधान किया गया था। शासन से पत्र जारी होने के बाद आयोग ने अगस्त 2021 में एपीएस-2013 की चयन प्रक्रिया निरस्त कर दी थी और निर्णय लिया था कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। यह भी तय हुआ था कि इसमें पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थी ही शामिल होंगे। इसके लिए दोबारा आवेदन लिए गए।
तब आयोग की ओर से तत्कालीन सचिव ने बयान जारी किया था कि छह माह के भीतर आवेदन और भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। डेढ़ साल से अधिक समय बीत चुका है और आयोग ने अब तक पुनर्परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि एक भर्ती के इंतजार में अभ्यर्थियों के दस साल बीत गए, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। आयोग को तत्काल नई परीक्षा तिथि घोषित करते हुए चयन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।