उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को हटाने की मांग को लेकर छात्रों एवं प्रतियोगियों का बेमियादी अनशन लगातार चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। प्रतियोगियों एवं छात्रों पर बिना किसी कारण लाठी चार्ज करने को लेकर समाज के हर वर्ग में आक्रोश दिखाई पड़ा। छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ अधिवक्ताओं ने अनशन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। आयोग अध्यक्ष के खिलाफ बेमियादी अनशन पर दीपक मिश्र, धीरज पांडेय और अनिलेश तिवारी बैठे। वहीं प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन के नेतृत्व के लिए अवनीश पांडेय, राणा यशवंत प्रताप सिंह आजाद, अयोध्या सिंह,रजनीश सिंह आदि मौजूद थे। अनशन पर बैठे प्रतियोगी छात्रों का हाल जानने प्रशासन का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने केलिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
दरअसल 26 अप्रैल को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) की परीक्षा होेने के कारण अधिकतर प्रतियोगी छात्र अब तैयारी में जुटे हैं। सो प्रतियोगियों की ओर से बृहस्पतिवार को आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई बैठक में कम लोग ही जुटे। उम्मीद है कि 26 अप्रैल की परीक्षा के बाद ही आंदोलन में तेजी आएगी।
पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर निरस्त करने, आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा भर्तियों और पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रतियोगियों और छात्रों का इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर नौ दिनों से जारी क्रमिक अनशन के बाद सोमवार से बेमियादी अनशन शुरू हुआ है। लोकतांत्रिक छात्र संगठन ने प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन को हर स्तर पर समर्थन की घोषणा की है। लोकतांत्रिक छात्र संगठन के अक्षय भट्ट की पिटाई के बाद जेल भेजने की निंदा भी की गई। बैठक में शिवाकांत तिवारी, जाकिर हुसैन, प्रशांत आर्य प्रियम आदि मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर अनशन पर बैठे छात्रों के समर्थन में बृहस्पतिवार को वकीलों ने पहुंचकर समर्थन दिया। हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने अनशन कर रहे छात्रों का समर्थन करने के साथ उनसे कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही। उन्होंने छात्रों से अनशन खत्म करके लड़ाई लड़ने की बात कही। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ल ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज करके सरकार बर्बरता पर उतारू है। छात्रों की लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने छात्रों पर लाठी चार्ज की निंदा करते हुए मामले को स्वयं कार्मिक विभाग के मंत्री एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने की बात कही। साथ ही उन्होंने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।