महज संयोग या साजिश : दोनों घटनाओं में रात 2:30 बजे ही पहुंचा हत्यारोपी
मामले में एक चौंकाने वाली बात यह है कि 28 व 13 मार्च की रात सत्येंद्र नारायण के घर चोरों के पहुंचने का समय लगभग एक है। पुलिस अफसरों ने बताया कि हत्या वाली रात आरोपी सत्येंद्र नारायण के घर पर रात 2:40 बजे करीब पहुंचा। उधर, कमांडर वर्क इंजीनियर ने पूर्व में हुई घटना के संबंध में भेजे गए शिकायती पत्र में बताया कि चोर 13 मार्च की रात भी करीब 2:30 बजे उनके घर पर पहुंचे। अब सवाल यह उठ रहा है कि यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
परिजन बोले- कई सवालों के जवाब मिलने बाकी, कोर्ट की निगरानी में हो जांच
अफसर के परिजनों ने मांग उठाई है कि इस हत्याकांड की कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि पुलिस के खुलासे के बावजूद कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। उनका कहना है कि खुलासे के मुताबिक, आरोपी परिसर व घर से बखूबी परिचित था। ऐसे में वह तब क्यों नहीं आया, जब परिवार बाहर था और घरवाले यात्रा पर गए थे और एक दिन पहले ही वापस लौटे। घरवालों का आरोप यह भी है कि हत्या में जिस असलहे का प्रयोग किया गया, उसमें साइलेंसर लगा था, हालांकि पुलिस ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है।
सवाल यह भी
उसने ऐसे घर को क्यों चुना, जहां हाल ही में एक घटना हुई थी और परिवार ने सुरक्षा की मांग की थी?
हाई सिक्योरिटी जाने वाले क्षेत्र में चोरी क्यों?
मकसद चोरी था तो घर के मालिक को जगाने के लिए दरवाजे (सामने और पीछे) पर दस्तक क्याें?
अफसर के जागने पर भागने की जगह गोली क्यों चलाई?