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Prayagraj : कमांडर वर्क इंजीनियर जान को खतरा बताया था, सेंट्रल एयर कमांड के सीओ को भेजा था शिकायती पत्र

Wed, 02 Apr 2025 11:59 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बमरौली एयरफोर्स कैंपस में कमांडर वर्क इंजीनियर एसएन मिश्र की हत्या में एक बड़ा खुलासा हुआ है। मिश्र को अपनी जान का खतरा महसूस होने पर उन्होंने उच्चाधिकारियों को पत्र देकर हत्या की आशंका जाहिर की। समय रहते अधिकारियों के सतर्क होने पर उनकी जान बच सकती थी। 
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सत्येंद्र नाथ मिश्रा की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कमांडर वर्क इंजीनियर (सीडब्ल्यूई) सत्येंद्र नारायण मिश्र की सुरक्षा के मामले में एक बड़ी बात सामने आई है। 13 मार्च की रात हुई घटना की लिखित शिकायत करने व जान का खतरा बताने के बावजूद मामले में एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई। इसका खुलासा उस शिकायती पत्र से हुआ है, जो उन्होंने सेंट्रल एयर कमांड बमरौली के सीओ को भेजा था। यह शिकायती पत्र उन्होंने 15 मार्च को भेजा था। इसमें बताया था कि 13 मार्च की रात उनके आवास में सेंध लगाने का प्रयास किया गया। दो बदमाशों ने दरवाजे के बाहर लगे जाली के दरवाजे को कटर से काटने का प्रयास किया। आवाज सुनकर जागने पर उन्होंने ललकारा तो बदमाश भाग गए।

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उन्होंने इसकी सूचना नॉर्थ कैंप के गार्ड रूम को दी तो एयरफोर्स पुलिस पहुंची। 14 मार्च की सुबह एक बदमाश के एक पैर का जूता परिसर की बाउंड्री के पास नाले में मिला, जिसे जांच टीम ने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा एक चाकू, पाइप रॉड और ग्रिल कटर भी बरामद हुआ। इसके साथ ही दीवार पर पेड़ के पास लगे कंटीले तार भी काटे गए थे। उन्होंने पत्र में लिखा था कि इस घटना से उनकी जान व संपत्ति को खतरा है।

अफसर के परिजनों का कहना है कि शिकायत पर सुरक्षा बढ़ाई गई, हालांकि घटना वाली रात रात सुरक्षा नहीं थी। दरअसल इस घटना के कुछ दिन पहले ही परिजन बाहर से लौटे थे। परिजनों को आशंका है कि यात्रा पर जाने के दौरान ही सुरक्षा हटा ली गई।

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महज संयोग या साजिश : दोनों घटनाओं में रात 2:30 बजे ही पहुंचा हत्यारोपी

मामले में एक चौंकाने वाली बात यह है कि 28 व 13 मार्च की रात सत्येंद्र नारायण के घर चोरों के पहुंचने का समय लगभग एक है। पुलिस अफसरों ने बताया कि हत्या वाली रात आरोपी सत्येंद्र नारायण के घर पर रात 2:40 बजे करीब पहुंचा। उधर, कमांडर वर्क इंजीनियर ने पूर्व में हुई घटना के संबंध में भेजे गए शिकायती पत्र में बताया कि चोर 13 मार्च की रात भी करीब 2:30 बजे उनके घर पर पहुंचे। अब सवाल यह उठ रहा है कि यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
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परिजन बोले- कई सवालों के जवाब मिलने बाकी, कोर्ट की निगरानी में हो जांच

अफसर के परिजनों ने मांग उठाई है कि इस हत्याकांड की कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि पुलिस के खुलासे के बावजूद कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। उनका कहना है कि खुलासे के मुताबिक, आरोपी परिसर व घर से बखूबी परिचित था। ऐसे में वह तब क्यों नहीं आया, जब परिवार बाहर था और घरवाले यात्रा पर गए थे और एक दिन पहले ही वापस लौटे। घरवालों का आरोप यह भी है कि हत्या में जिस असलहे का प्रयोग किया गया, उसमें साइलेंसर लगा था, हालांकि पुलिस ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है।

सवाल यह भी

उसने ऐसे घर को क्यों चुना, जहां हाल ही में एक घटना हुई थी और परिवार ने सुरक्षा की मांग की थी?
हाई सिक्योरिटी जाने वाले क्षेत्र में चोरी क्यों?
मकसद चोरी था तो घर के मालिक को जगाने के लिए दरवाजे (सामने और पीछे) पर दस्तक क्याें?
अफसर के जागने पर भागने की जगह गोली क्यों चलाई?
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