सरकार ने आयोग को विस्तृत रिपोर्ट 31 मार्च तक पेश करने को कहा था
हाईकोर्ट में कुछ लोगों ने याचिका दायर किया। सुनवाई में याची के अधिवक्ता ने कोर्ट में मीडिया रिपोर्ट और हादसों के प्रमाण स्वरूप वीडियो फुटेज की पैन ड्राइव दाखिल कर दावा किया था कि अमावस्या के दिन एक नहीं , कई जगह हादसे हुए। याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश अरूण भंसाली और न्यायमूर्ति शैलेंद्र क्षितिज की अदालत ने सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया था कि न्यायिक आयोग मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ से जुड़ी सभी घटनाओं की जांच करेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने आयोग का कार्यकाल बढ़ाते हुए हादसों में जानमाल के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट 31 मार्च तक पेश करने को कहा था। यह भी कहा था कि इस दौरान याची भी आयोग के समक्ष साक्ष्य पेश कर सकते हैं।