न्यूजीलैंड की कमल लता, आस्ट्रेलिया की रूबी सिंह और बैंकाक की रोजेज्रिन आदार्यक रैजिसम ने सोमवार को संगम में डुबकी लगाई। कहा, त्रिवेणी स्नान कर मन वसंत हो गया। सबने गंगाजी से आशीर्वाद भी लिया। सात समंदर पार से अकेले संगमनगरी पहुंचीं महिलाओं का कहना है कि डुबकी लगाने के बाद मन को शांति मिली है। ऑकलैंड न्यूजीलैंड में बिजनेस कर रही कमललता बताती हैं कि उनके परदादा यूपी से फीजी गए और वहीं के होकर रह गए। उनका जन्म फीजी में हुआ। पढ़ाई के बाद न्यूजीलैंड जाना हुआ। परिवार में पति और बेटा है। अरसे से पुरखों का स्थान देखने की लालसा थी। सो माघ मेले में गंगा स्नान को आ गई। उन्होंने कहा कि गंगा में अस्थि विसर्जन और स्नान की परंपरा का निहतार्थ यही है।
सिडनी आस्ट्रेलिया से आई रूबी सिंह का कहना है कि पहली बार संगमनगरी बच्चों की खातिर आई हूं। वसंत पंचमी पर गंगा में डुबकी लगाकर संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अपनी संस्कृति से जुड़कर प्रसन्न हूं। वहीं थाई पिता और इंडियन मां की बेटी बैंकाक थाईलैंड की रोजेज्रिन आदार्यक रैजिसम मन की शांति के लिए मां के देश आईं। उनका कहना है कि यहां आकर सारा तनाव गायब हो गया है। सनातन संस्कृति को और नजदीक से जानने के लिए वह अर्द्धकुंभ में आएंगी और कल्पवास भी करेंगी।