यहां नहीं होगी को-ब्रांडिंग
रेलवे बोर्ड की इस स्कीम के तहत जिन स्टेशनों के नाम किसी लोकप्रिय हस्ती के नाम पर रखे गए हैं, उन स्टेशनों पर को-ब्रांडिंग नहीं की जाएगी। उदाहरण के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन की बात करें तो वहां स्टेशन के नाम के आगे एवं पीछे किसी फर्म आदि का नाम नहीं जोड़ा जाएगा।
तंबाकू, शराब बेचने वाली कंपनी का नहीं लिया जाएगा विज्ञापन
इस पॉलिसी में किसी राजनीतिक, धार्मिक, एल्कोहल वाली या तंबाकू बेचने वाली कंपनी का विज्ञापन नहीं लिया जाएगा। को-ब्रांडिंग में किसी व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल नहीं होगा। इसके अलावा ऐसी किसी भी सामग्री का प्रयोग नहीं किया जाएगा जो भारतीय रेल, राज्य अथवा केंद्र सरकार की सार्वजनिक छवि को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है।
को ब्रांडिंग की गाइड लाइन
- को-ब्रांडिंग सिर्फ स्टेशन के नाम वाले बोर्ड पर ही होगी
- स्टेशन के आधिकारिक नाम में कोई परिवर्तन नहीं होगा
- सरोगेट या बैन हुए विज्ञापनों को दिखाने की इजाजत नहीं होगी
- स्टेशन के नाम के साथ दो शब्दों से अधिक का नाम नहीं जोड़ा जाएगा
- यदि ब्रांड नाम में दो से अधिक शब्द हों तो लोगो का प्रयोग किया जाएगा
- को-ब्रांडिंग एक अलग रंग में होगी
- को-ब्रांडिंग हेतु ब्रांड का नाम अथवा लोगो में से किसी एक की स्वीकृति होगी।
इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य गैर किराया राजस्व को बढ़ाना है। इस पॉलिसी के अंतर्गत होने वाली गतिविधियां विज्ञापन के रूप में होंगी एवं स्टेशन का नाम यथावत रहेगा। - शशिकांत सिंह, पीसीसीएम, एनसीआर।