मेला विशेष तथा अन्य ट्रेनों का अलग-अलग रोकने की हो व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ में रेलवे की बड़ी भूमिका है। पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति का अनुभव सभी ने किया है। उम्मीद से अधिक भीड़ रही। स्नान के बाद श्रद्धालु अपने गंतव्य जाना चाहता है। इसलिए मेला स्पेशल ट्रेनें पूरे दिन चलाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूटीन गाड़ियों और मेला स्पेशल ट्रेनों के लिए अलग-अलग रेलवे स्टेशन हों तो बेहतर होगा। रूटीन ट्रेनों को यथासंभव निरस्त अथवा डाइवर्ट करके चलाना उचित होगा।
रेलवे को आगामी 25 जनवरी से 05 फरवरी तक के लिए पूरी सतर्कता के साथ विशेष प्रबंध करने होंगे। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के आवागमन, प्लेटफॉर्म संख्या आदि के बारे में लगातार एनाउंसमेंट किया जाता रहे। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करें कि गाड़ियों के आवागमन के लिए एक बार घोषित प्लेटफार्म संख्या में बदलाव न हो। इसी क्रम में रेलवे के अफसरों ने बताया कि मौनी अमावस्या पर 200 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनें चलाये जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम को भी शटल बसों की संख्या बढ़ाने और उनके लगातार चलाने के निर्देश दिए।
कल्पवासियों के शिविरों मेें बेहतर व्यवस्था की है जरूरत
मेला क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री कल्पवासियोें के शिविरों में व्याप्त अव्यवस्था भी देखी। सेक्टर छह से 10 में पेयजल, बिजली, शौचालय की गंभीर समस्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागवाल से संबंधित सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति, शौचालय की व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत है। उन्होंने सभी शिविरों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कल्पवासियों को कोई समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री के सामने खोया पाया केंद्र के संचालन को लेकर भी शिकायतें पहुंंची। इस पर उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि डिजिटल खोया पाया केंद्र के सुचारु संचालन में स्थानीय संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में अलग लग स्थानों पर अलाव जलाने के भी निर्देश दिये, साथ ही कहा कि घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। जल पुलिस, गंगा दूत एक्टिव रहें।
शंकराचार्य संग अन्य संतों से की मुलाकात, देखी प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेला क्षेेत्र का निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक करने के साथ संतों से भी मुलाकात की। साथ ही विभिन्न प्रदर्शियों का अवलोकन किया। अरैल में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद वह परमार्थ आश्रम गए और वहां स्वामी चिंदानंद मुनि एवं मुरारी बापू से मिले। इसके बाद अरैल में ही पर्यटन प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद सेक्टर एक में ओडीओपी, वाक थ्रू पुलिस गैलरी, संविधान गैलेरी का अवलोकन किया।
इसके बाद आईसीसीसी में समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमत्री सेक्टर सात स्थित उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक क्षेत्र पवेलियन का अवलोकन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री सेक्टर नौ स्थित कार्षिणी आश्रम गए और स्वामी गुरुशरणानंद से मुलाकात की। मुख्यमंत्री स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, स्वामी सदानंद सरस्वती तथा आचार्य बाड़ा के संतों से मुलाकात की। शंकराचार्य से मुलाकात के दौरान ही मुख्यमंत्री को सेक्टर 19 में आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद घटना स्थल पर भी गए और प्रभावित लोगों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री लाल सड़क स्थित केंद्रीय चिकित्सालय भी गए। इसके बाद वह बमरौली के लिए रवाना हुए और वहां से लखनऊ के लिए रवाना हुए।