फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कौशांबी : नहीं खुला सीएम योगी के तोहफे का पिटारा, दोआबा की झोली रह गई खाली

Fri, 07 Apr 2023 11:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

लोकसभा चुनाव के ठीक एक साल पहले और इसी माह संभावित नगर निकाय चुनाव के दौरान हुए कौशाम्बी महोत्सव से दोआबा को काफी उम्मीदें थीं। ऐसे मौके पर देश के गृहमंत्री और सूबे के मुखिया आएंगे तो कुछ न कुछ तोहफा देकर ही जाएंगे।
विज्ञापन
कौशाम्बी : कौशांबी महोत्सव को संबोधित करते सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा चुनाव के ठीक एक साल पहले और इसी माह संभावित नगर निकाय चुनाव के दौरान हुए कौशाम्बी महोत्सव से दोआबा को काफी उम्मीदें थीं। ऐसे मौके पर देश के गृहमंत्री और सूबे के मुखिया आएंगे तो कुछ न कुछ तोहफा देकर ही जाएंगे। हालांकि, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ आए। जिले को छह अरब से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी, लेकिन दोआबा की झोली फिर भी खाली ही रह गई। विकास में काफी पिछड़े जिले को कुछ नया नहीं मिलने से लोग मायूस है।

कौशाम्बी महोत्सव को लेकर भले ही पूरी कसरत सरकारी मशीनरी ने की हो, लेकिन हकीकत में यह कार्यक्रम कौशाम्बी विकास परिषद का है। जब से परिषद ने इस आयोजन की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है, तब से लेकर अब तक दो बार महोत्सव मनाया जा चुका है।

सबसे पहले वर्ष 2017 में फिर दूसरी बार वर्ष 2018 में यह आयोजन हुआ था। पहली बार जब महोत्सव मनाया गया तब भाजपा प्रदेश में सत्ता हासिल कर चुकी थी, लेकिन नई-नई सरकार बनी थी, इसलिए उस वक्त दल का कोई बड़ा चेहरा महोत्सव के मंच की रौनक नहीं बढ़ा सका था।वर्ष 2018 में जब आयोजन हुआ तो पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करने आए। जिला मुख्यालय मंझनपुर के डायट मैदान में सजे पंडाल के मंच से सूबे के मुखिया ने कौशाम्बी को बौद्ध सर्किट से जोड़ने की घोषणा की थी। जिले से होकर गुजरने वाले राम वन गमन मार्ग की घोषणा भी यहीं पर की थी। अपने आप में दोनों ही प्रोजेक्ट कौशाम्बी के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

उम्मीदों पर फिरा पानी, सत्ता में भी मायूसी

धीमी रफ्तार से ही सही, लेकिन पिछले महोत्सव में जिन दो परियोजनाओं का सीएम ने उपहार दिया था अब उन पर काम चल रहा है। परिषद की ओर से तीसरी दफा कौशाम्बी महोत्सव के आयोजन और उसके उद्घाटन के लिए गृहमंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की घोषणा हुई तो दोआबा की उम्मीदें भी बढ़ गईं।

वर्तमान में नगर निकाय चुनाव की तैयारी चल रही हैं तो अगले साल देश में सत्ता को लेकर संग्राम होना है। उम्मीद थी कि महोत्सव में आ रहे शाह और योगी जिले को कुछ न कुछ नया देकर जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केवल जिलेवासी ही नहीं, इस बात अंदरखाने भाजपाई भी मायूस हैं।

612 करोड़ की 117 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

कौशाम्बी महोत्सव कड़ाधाम क्षेत्र में हुआ था। लंबे समय से कड़ाधाम शक्तिपीठ के लिए काॅरिडोर बनाने की मांग भी उठ रही थी। सांसद भी यहां से लोगों ने अपनी बात रखी थी। आशा थी कि शायद इसे लेकर मुख्यमंत्री कोई घोषणा कर दें, लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री और सूबे के मुख्यमंत्री ने 612.94 करोड़ रुपये की 117 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण ही किया। इनमें कुछ सरकारी कार्यालयों के भवन, शिक्षण संस्थान और तमाम सड़कों समेत अन्य विकासपरक परियोजनाएं शामिल हैं। कोई अन्य घोषणा नहीं हुई।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें