पुलिस लाइन में साइबर अपराध को रोकने और उनसे निबटने के लिए दो दिनी कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में एसएसपी, एसपी सिटी, डिप्टी एसपी और जिले के थानेदार शामिल हुए। जोन स्तर पर इस कार्यशाला का आयोजन हुआ।
साइबर अपराध दिनोंदिन बढ़ रहा है। ऐसे अपराधियों से निबटना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। हाईटेक बदमाशों से निबटने के लिए पुलिस का तकनीकी रूप से दक्ष होना बेहद जरूरी है। अपराध में बदमाश मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में जानकारी के अभाव में पुलिस को ऐसी घटनाओं का खुलासे करने और साक्ष्य जुटाने में खासी दिक्कत होती है। नोएडा से आए साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल ने पुलिसकर्मियों को बताया कि अब कंप्यूटर और लैपटॉप की जगह मोबाइल से ही ज्यादातर साइबर क्राइम होंगे। इसकी जानकारी होना विवेचक के लिए बेहद जरूरी है।
बिना इसकी जानकारी के अपराधी तक पहुंचना नामुमकिन है। उन्होंने साइबर क्राइम क्या है, साइबर क्राइम कैसे होता है। इसे रोका कैसे जा सकता है। साथ ही यह भी बताया कि साइबर क्राइम होने पर साइबर शातिर तक कैसे पहुंचा जा सकता है और उसके खिलाफ कैसे सबूत एकत्र किया जा सकता है। कार्यशाला में एसएसपी केएस इमेनुएल, एसपी सिटी राजेश कुमार, एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद, एसपी गंगापार, यमुनापार के अलावा जिले के थानेदार शामिल हुए।