उसी कुंभ में ही किन्नर अखाड़े की ओर से पहली बार महामंडलेश्वर की पदवी किन्नरों को प्रदान की गई थी। इस बार महाकुंभ से पहले अस्तित्व में आए श्रीपंच दशनाम संत गुरुदत्त अखाड़े ने भी वंचित और निष्कासित किन्नर संतों को एकजुट कर अपने साथ जोड़ने की मुहिम चलाई है। किन्नर अखाड़े से इस्तीफा देने के बाद अलग हुईं महामंडलेश्वर भवानीनंद गिरि को इस अखाड़े का हाल में ही हरिद्वार में आचार्य बनाया गया है।
महामंडलेश्वर भवानीनंद ने शनिवार को अमर उजाला से फोन पर श्रीपंच दशनाम संत गुरुदत्त अखाड़े की आचार्य बनाए जाने की पुष्टि की। इनके अलावा किन्नर समाज के चार संतों को इस अखाड़े का महामंडलेश्वर भी बनाया गया है। अखाड़े के सह संस्थापक स्वामी आदित्यनंद गोल्ड गिरि ने अब तक 30 से अधिक किन्नर संतों के शामिल होने का दावा किया है।
मुझे श्रीपंच दशनाम गुरुदत्त अखाड़े में अर्धनारीश्वर समाज का आचार्य बनाया गया है। अब देहत्याग करने वाले किन्नर संतों और समाज के लोगों को आचार्य के रूप में मुझे समाधि दिलाने का अधिकार मिल गया है। - महामंडलेश्वर भवानी नंद गिरि भवानी मां
26 को पट्टाभिषेक में शामिल होंगी भवानी मां
श्रीपंच दशनाम संत गुरुदत्त अखाड़े की ओर से 26 अक्तूबर को चौफटका के अनंत माधव मंदिर के पास पांच नए महामंडलेश्वरों के पट्टाभिषेक समारोह में भवानी मां शामिल होंगी। अखाड़े की ओर से उन्हें पट्टाभिषेक समारोह का न्योता भेजा गया है।