हाईकोर्ट परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग और एडवोकेट चैंबर्स का उद्घाटन करते सीजेआई गवई और सीएम योगी।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अधिवक्ता निधि की राशि 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है। इसके पात्र अधिवक्ताओं की आयु सीमा भी 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है। इसके लिए भी 500 करोड़ रुपये की निधि दी गई है। महाकुंभ के आयोजन में उच्च न्यायालय की भूमिका को रेखांकित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन इतना सफल इसलिए हो सका, क्योंकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी किसी परियोजना पर रोक नहीं लगाई।
अगर महाकुंभ की किसी भी परियोजना पर स्टे लग जाता तो वह अधूरी रह जाती। इस मौके पर उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी, न्यायमूर्ति पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय भी मौजूद थे।