इस बार शहर उत्तरी विधानसभा में सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी अनुग्रह नारायण सिंह और भाजपा प्रत्याशी हर्षवर्धन बाजपेयी के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। हालांकि बसपा प्रत्याशी अमित श्रीवास्तव को भी कमतर नहीं आंका जा सकता। ऐसा इसलिए कि उत्तरी में ब्राह्मण कायस्थ, बनिया, ठाकुर मतदाताओं की बड़ी संख्या है तो मुस्लिम समुदाय के भी काफी वोटर हैं। इन सबके अलग बसपा के शांत रहने वाले वोटरों की भी खासी संख्या है। उत्तरी के मुस्लिम बहुल्य क्षेत्रों, पॉश इलाकों और कारोबारी क्षेत्रों में बूथों पर कहीं मतदाताओं की लंबी तो कहीं छोटी कतारों ने सियासी समीकरण को उलझा दिया है। इससे साफ हो गया है कि इस बार मुकाबला कांटे का ही होगा। वैसे ऊंट किस करवट बैठेगा, यह 11 मार्च को ही पता चलेगा।
शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के ब्राह्मण, कायस्थ, बनिया, बहुल्य क्षेत्र अल्लापुर, सोहबतियाबाग, कटरा, गोविंदपुर, ममफोर्डगंज आदि के मतदान केंद्रों पर जुटे लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा। इन इलाकों में गठबंधन प्रत्याशी और भाजपा प्रत्याशी में सीधी टक्कर नजर आई तो नयापुरा, सलोरी, बघाड़ा, ढरहरिया, ऊंटखाना, शुतुरखाना, कटरा बख्तियारी, मेहंदौरी, राजापुर, तेलियरगंज, कर्नलगंज बूचड़खाना, बेली गांव आदि के मुस्लिम और दलित प्रभावित इलाकों में मतदाताओं का रुझान गठबंधन प्रत्याशी के साथ बसपा के पक्ष में भी रहा। हालांकि इन इलाकों में भाजपा प्रत्याशी को भी कमतर नहीं आंका जा रहा है।
सिविल लाइंस, एलनगंज, जार्जटाउन, टैगोर टाउन, म्योराबाद जैसे पॉश इलाकों के केंद्रों में सुबह से दिन में बारह बजे तक और उसके बाद दोपहर तीन से शाम पांच बजे के बीच जिस तरह लोगों में मतदान को लेकर उत्साह दिखा, उससे स्पष्ट हो गया कि मुकाबला किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में तो कतई नहीं है।