बांसडीहरोड के रघुनाथपुर पिपरपाती के पास मालगाड़ी बेपटरी होने के बाद रात में स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में समय काटते लोग।
इलाहाबाद। दिल्ली के आंनद विहार स्टेशन की तर्ज पर इलाहाबाद के छिवकी स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई हे। स्टेशन के विकास के लिए रेलवे बोर्ड ने रकम जारी कर दी है। अब यहां यात्री सुविधा केमद्देनजर ढेरों काम होंगे। इसमें मुख्य रूप से कोच इंडीकेटर बोर्ड, ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड, टच स्क्रीन इंक्वायरी आदि का काम दो माह में हो जाने की संभावना है। इसके अलावा छिवकी में स्वचालित सीढ़ी लगाने के प्रोजेक्ट को भी हरी झंडी मिल गई है।
इलाहाबाद के निकट छिवकी बी श्रेणी का स्टेशन है। इलाहाबाद जंक्शन पर भीड़ के दबाव को कम करने के लिए मुंबई एवं दक्षिण भारत की ओर जाने वाली कई ट्रेनें अब छिवकी से ही चलाई जा रही है। ऐसे में यहां यात्रियों की आवाजाही भी बढ़ गई है। स्टेशन बिल्डिंग और फुट ओवर ब्रिज आदि का निर्माण हो चुका है, फिर भी तमाम यात्री सुविधाओं के अभाव को देखते हुए स्टेशन को विकसित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने बोर्ड को प्रपोजल भेजा था, जो स्वीकृत कर लिया गया है।
इतना ही नहीं बोर्ड ने स्टेशन के विकास के लिए रकम भी जारी कर दी है। अभी यहां पहली किश्त से 10 करोड़ रुपये की लागत से तमाम कार्य होने है। यहां प्लेटफार्म नंबर एक की ऊंचाई एवं चौड़ाई बढ़ाने के साथ शेड लगाने का काम होना है। यह काम मार्च 2017 तक पूरा होने की संभावना है। स्टेशन बिल्डिंग के विस्तार, वेटिंग हाल के निर्माण के साथ यहां कोच वाटरिंग का काम भी होना है। ताकि ट्रेनों में पानी भरा जा सके। छिवकी में एस्केलेटर लगाने की भी मंजूरी मिल गई है। डीआरएम एसके पंकज के मुताबिक छिवकी स्टेशन में ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड, कोच इंडीकेटर सिस्टम, टच स्क्रीन इंक्वायरी सिस्टम आदि के कार्य भी इसी वित्तीय वर्ष में कर लिए जाएंगे।