स्वामी चिन्मयानंद से फिरौती मांगने की आरोपी छात्रा की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो पाई। अर्जी पर कोर्ट के सुनवाई के क्षेत्राधिकार को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद कोर्ट ने अर्जी सक्षम क्षेत्राधिकार वाले न्यायाधीश के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने यह आदेश देते हुए दो दिसंबर के तारीख दी है। सुनवाई से पहले छात्रा की अर्जी पर वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरण जैन ने पक्ष रखा। इसके साथ ही चिन्मयानंद की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार ने भी अपना पक्ष रखा।
कोर्ट को बताया गया कि जमानत अर्जी सक्षम क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय में आई है। पीड़ित छात्रा को चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेजा गया है। उसके विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। अधीनस्थ न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है।