कार्यक्रम का श्री गणेश गुरुस्तोत्र के मंत्रोच्चार से आरंभ हुआ जिसे महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की छात्राओं संस्कृति एवं आराध्या ने अपने सुरीले कंठ से प्रस्तुत किया जिसमें सभी श्रोताओं व हॉल में बैठे भक्तों ने भाग लिया।
रसूलाबाद घाट पर रविवार को चिन्मय मिशन के प्रमुख स्वामी स्वरूपानंद ने संकट मोचन हनुमाष्टक पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने चार दिवसीय ज्ञान यज्ञ का श्री गणेश किया। यज्ञ अखिलेश्वर महादेव मंदिर में हुआ। शुरुआत गुरुस्तोत्र के मंत्रोच्चार से हुई, जिसे महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की छात्राओं संस्कृति एवं आराध्या ने अपने सुरीले कंठ से प्रस्तुत किया।
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कार्यक्रम का श्री गणेश गुरुस्तोत्र के मंत्रोच्चार से आरंभ हुआ जिसे महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की छात्राओं संस्कृति एवं आराध्या ने अपने सुरीले कंठ से प्रस्तुत किया जिसमें सभी श्रोताओं व हॉल में बैठे भक्तों ने भाग लिया। मिशन के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल और ट्रस्ट के सचिव सुनील अग्रवाल ने महात्माओं का माल्यार्पण किया गया। चिन्मय नवीन सेवाश्रम न्यास की अध्यक्ष डॉ कृष्णा गुप्ता ने सभी महात्माओं एवं मिशन के सदस्यों का स्वागत किया।
स्वामी स्वारूपानंद ने हनुमानाष्ट के कुछ श्लोकों की विशद एवं भक्तिभावपूर्ण व्याख्या की। रामभक्ति हनुमान के महान व्यक्तित्व, उनके दिव्य बालरूप, उनकी अलौकिक शक्ति एवं अनन्य भक्ति के विषय में अद्भुत व्याख्यान बड़ी ही मधुर एवं सरल शैली में प्रस्तुत किया।जिसे सुन सभी श्रोतागण भाव विभोर हो उठे। कार्यक्रम चिन्मय मिशन प्रयाग की ब्रहमचारिणी शाश्वती और डॉ. कृष्णा गुप्ता के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।