सामाजिक समरसता की धरती शृंग्वेरपुरधाम में भारतीय सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संजोने में नौनिहाल आगे बढ़ रहे हैं। यह बातें जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह ने शृंग्वेरपुर धाम में आयोजित पांच दिवसीय 36वें राष्ट्रीय रामायण मेले के दूसरे दिन रविवार को कही।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से डीआईओएस ने कहा कि वह अपना सौभाग्य समझते हैं की इतनी पवित्र भूमि पर उन्हें आने का अवसर मिला और विद्यालय के बच्चों की प्रस्तुति सुखद आनंद देती है। उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है। कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता शिवप्रसाद मिश्र ने की। उन्होंने श्री राम को त्रेता और कृष्ण को द्वापर युग का आदर्श बताया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम और कृष्ण तो युग प्रवर्तक थे, जिन्होंने बहुत कम उम्र में पूरी दुनिया को सत्य और न्याय के लिए संघर्ष करना सिखाया। इस मौके पर डीआईओएस ने कार्यक्रम के संयोजक राजमणि शास्त्री के साथ अमर सिंह, भरत चंद्र मिश्र, विजय प्रकाश मिश्र, संजीव त्रिपाठी, धर्मेंद्र सिंह, अशोक सिंह, श्रीनारायण यादव, सौरभ पांडेय, संजीव मिश्र, सुभाष यादव, तीर्थराज यादव समेत अन्य को अंगवस्त्रम, स्मृति चिह्न और रामायण की पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल मिश्रा ने किया। राष्ट्रीय रामायण मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष बालकृष्ण पांडे ने अतिथियों का आभार प्रकट किया। स्वागत भाषण महामंत्री उमेश चंद्र द्विवेदी ने दिया।