क्षय रोग से पीड़ित दो बच्चों को स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी देखभाल के खिलाफ भी बाल गृह के बच्चों की ड्यूटी लगाई गई थी। समिति की जांच में यह शिकायत सही पाई गई। इससे अन्य बच्चों के भी संक्रमित होने का खतरा बन गया है। रिपोर्ट में बाल गृह में बिस्तर, पंखा आदि की भी ठीक व्यवस्था नहीं होने की बात कही गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्र का कहना है कि यौन उत्पीड़न के शिकायत की जानकारी नहीं है। वहीं डीएम संजय कुमार खत्री का कहना है कि बाल कल्याण समिति की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। यौन उत्पीड़न की शिकायत की बात गलत है।
बाल सरंक्षण गृह का मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निरीक्षण का आदेश
डीएम संजय कुमार खत्री ने बुधवार को हुई बाल कल्याण समिति की बैठक में हेमवंती देवी बाल सरंक्षण गृह का मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निरीक्षण कराने का आदेश दिया। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी से जल्द आख्या प्रस्तुत करने केलिए कहा। डीएम ने सहयोग संस्था की खामियों को भी दूर करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने सभी सरंक्षण गृहों के निरीक्षण का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि इनमें पढ़ाई, इलाज आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने समिति की समीक्षा बैठक लंबे से नहीं होने तथा सामाजिक कार्यों की रिपोर्ट मिलने में देरी पर नाराजगी जताई तथा सुधार के निर्देश दिए। मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों को बेहतर सुविधा कहां उपलब्ध हो सकती है, इस बाबत संबंधित पक्षों संग पत्राचार करने के निर्देश दिए। उन्हाेंने उत्पीड़न के खिलाफ बच्चों का जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्रा, समिति के अध्यक्ष डॉ.अखिलेश मिश्र आदि मौजूद रहे।