याची पत्नी के अधिवक्ता बृजेश कुमार पांडेय ने दलील दी कि चार वर्षीय बेटे को उसके पिता ने अवैध कब्जे में रखा है। सात वर्ष से कम उम्र के बेटे की विधिक संरक्षक उसकी मां होगी। हालांकि, कोर्ट में पेश बेटे ने पिता के साथ ही जाने की इच्छा जताई। बेटे का कहना था कि वह अपने मजदूर पिता के साथ खुश है। कोर्ट ने बेटे का पिता के साथ भावनात्मक लगाव देखते हुए उसे पिता के साथ जाने की इजाजत दे दी।