इलाहाबाद (ब्यूरो)। आल इंडिया एससी/एसटी रेलवे इम्प्लाइज एसोसिएशन और डॉ. अंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन (दावा) की ओर से चल रही ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का रंगारंग समापन शुक्रवार को हुआ। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में बाल कलाकार अपने अभिनय से दर्शकों से संवाद करते नजर आए।
दावा अध्यक्ष युवा रंगकर्मी रामबृज गौतम के निर्देशन में बच्चों ने नाट्य प्रस्तुतियों से सामाजिक विसंगतियों पर कुठाराघात किया। राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त की कविता ‘मां कह एक कहानी’ में जहां बच्चों ने दिखाया कि मारने वाले से ज्यादा अधिकार बचाने वाले का होता है। वहीं ‘लज्जा’ नाटक के द्वारा महिला सशक्तिकरण को प्रस्तुत किया। ‘सास-बहू’ और ‘सामाजिक परिवर्तन के महानायक’ नाटकों को भी खूब पसंद किया गया।
बच्चों द्वारा ‘काल चक्र के आगे-आगे ढलता ही रहेगा’, ‘भगवान बुद्ध की ज्योति अमर वे सबसे न्यारे हैं’, ‘हे शांति दूत वंदना सुमन स्वीकार करो’ आदि पर प्रस्तुत नृत्य को खूब पसंद किया गया। काजोल, जागृति, तानिया, हर्षिता, प्रेरणा, अवंतिका, साधना, काजल, डोली, प्रतिष्ठा, शबनम, शालिनी, नीलम, निधि, सुजाता, सुंदरी, मधु, खुशी, प्रज्ञा, समृद्धि, हिमांशु, विशाल, अमन, मैत्री, आशीष, कमल, लकी, विकास, विवेक, निखिल के अभिनय और नृत्य को खूब सराहा गया। मंच पर प्रकाश सुजाए घोष, कोरियोग्राफी रीतू यादव- रूपम सेन ने की। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन अशोक कुमार गुप्ता ने किया।