उन्होंने कार्य में सुस्ती और ढिलाई के लिए संबंधित विभागों को मैन पावर बढ़ाने की हिदायत दी। ताकि, काम समय से पूरा कराया जा सके। उधर, माघ मेले में कल्पवासियों के आने का सिलसिला जारी है। सेक्टर पांच में ओल्डजीटी के पास शिविर न लग पाने की वजह से सोमवार को पहुंचे तमाम कल्पवासी कड़ाके की ठंड में खुले आसमान में नीचे भटकते नजर आए। अभी गाटा मार्गों पर मेला बसाने की रफ्तार बेहद सुस्त है।
भूमि आवंटन के बाद भी गाटा मार्गों पर तीर्थपुरोहितों के शिविर नहीं लग सके हैं। काली मार्ग और तुलसी मार्ग की हालत सबसे खस्ता है। काली मार्ग पर चकर्ड प्लेटों की क्लेंपिंग क जगह खुली होने से हादसों कीआशंका बनी हुई है। इसी तरह विद्युतीकरण का भी हाल बुरा है। काली मार्ग और संगम मार्ग पर प्रत्येक एक खंभे को छोड़कर एलईडी लाइट लगाई गई है। इस वजह रात को इन मार्गों पर आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह तुलसी मार्ग पर रेलवे पुल के नीचे भी एलईडी न लगने से अंधेरा हो जा रहा है।
समतलीकरण न होने से नाराज संतों ने सेक्टर तीन के कार्यालय में मचाया हंगामा
समतलीकरण के लिए ट्रैक्टर न मिलने और दलदल पाटने के लिए बालू न मिलने से नाराज संतों ने सोमवार की सुबह सेक्टर-तीन के कार्यालय में जमकर हंगामा किया। खाक चौक के संतों ने सेक्टर के अधिकारियों, कर्मचारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। माहौल गरम होने के बाद आनन-फानन में समतलीकरण कराने के लिए ट्रैक्टर भेजा गया , तब जाकर मामला शांत हो सका।
गंगा-गीता और गो माता के संरक्षण का दिया संदेश
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम ने सोमवार को गंगा, गीता और गो सरंक्षण पर जोर दिया। सेक्टर पांच स्थित चरखी-दादरी के शिविर में उन्होंने दंडी संन्यासियोें और कल्पवासियों के साथ परिचर्चा में कल्पवास के कठिन नियमों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गो माता के साथ ही गीता और गंगा की महिमा पर रोशनी डाली।