इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तर प्रदेश अमृत अभिजात को आदेश का एक माह में पालन करने अथवा हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही की जाय।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तर प्रदेश अमृत अभिजात को आदेश का एक माह में पालन करने अथवा हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही की जाय। कोर्ट ने कहा प्रथमदृष्टया विपक्षी ने कोर्ट की जानबूझकर अवमानना की है। याचिका की अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को आदेश के पालन करने का एक माह का समय दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने बांदा के मोहन साहू की अवमानना याचिका पर दिया है। याची की ओर से कहा गया कि बिना नोटिस दिए याची को बांदा नगर पालिका परिषद के चेयरमैन पद से हटा दिया गया। जिसे कोर्ट ने निरस्त कर नये सिरे से नियमानुसार कार्यवाही करने की छूट दी। याची को बहाल नहीं किया गया तो अवमानना याचिका दायर की गई। कोर्ट ने आदेश का पालन करने का समय देते हुए याचिका निस्तारित कर दी। फिर भी पालन नहीं किया गया तो दूसरी बार यह याचिका दायर की गई है।