इलाहााबद हाईकोर्ट ने कहा कि हर जिले में कम से कम एक रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की रूपरेखा प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग छह जनवरी तक पेश करें। वहीं, मंडलीय चिकित्सालय कबीर चौरा के सीएमएस डॉ.एसपी सिंह न्यायालय में उपस्थित होकर बलिया की दुष्कर्म पीड़िता का परीक्षण करने से इन्कार करने का कारण स्पष्ट करेंगे।
यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने प्रकाश कुमार गुप्ता की जमानत अर्जी के दौरान दिया। बलिया के थाना सहतवार में प्रकाश कुमार गुप्ता पर पॉक्सो सहित अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि उसने 13 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म किया। उसने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल कर गुहार लगाई। ऑसिफिकेशन टेस्ट में पीड़िता की आयु 19 वर्ष पाए जाने पर उसे जमानत मिल गई। वहीं, इस दौरान न्यायालय ने पाया कि बलिया में कोई भी रेडियोलॉजिस्ट न होने से पीड़िता को उम्र निर्धारण की जांच के लिए परेशानी उठानी पड़ी।
जांच के लिए पीड़िता को वाराणसी कबीर चौरा अस्पताल ले जाया गया। वहां रेडियोलॉजिस्ट ने जांच करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद पीड़िता की आजमगढ़ के अतरौलिया, सीएचसी में जांच की गई। न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य उप्र व कबीर चौरा अस्पताल वाराणसी के रेडियोलॉजिस्ट डॉ.कुंदन कुमार पटेल को तलब किया।
रेडियोलॉजिस्ट ने कोर्ट को बताया कि सीएमएस कबीर चौरा ने उक्त मरीज को बलिया वापस भेजा था, उसने नहीं। इस पर सीएमस को कोर्ट ने तलब किया है। वहीं, न्यायालय ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के न्यायालय में उपस्थित होने पर उनकी उपस्थिति को माफ करते हुए कहा कि अगली तारीख पर प्रत्येक जिला मुख्यालयों पर काम से कम एक रेडियोलॉजिस्ट को तैनात करने की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।