हरियाणा की तर्ज पर यहां भी तैयार कर रहे पोर्टल
मुख्य सचिव ने कहा आठ जुलाई को ही कोर्ट के आदेशों का अनुपालन कराने के लिए सभी विभागों को आदेश जारी कर दिये गये है। नोडल अफसर तैनात कर मोबाइल और ई-मेल भी जारी किया जाएगा। यूपी टेस्कों ने एक मॉडल तैयार किया गया है। लेकिन, महाधिवक्ता की सलाह पर हरियाणा में अपनाई गई पोर्टल (लाइंस लीगल हरियाणा) व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। इसके लिए अपर महाधिवक्ता हिम्मत सिंह से संपर्क किया गया है।
इस व्यवस्था पर काम करने के लिए अपर सचिव देवेश चतुर्वेदी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। तकनीकी एजेंसी की मदद ली जा रही है। कोर्ट ने कहा कि जिस एजेंसी ने कभी साफ्टवेयर नहीं बनाया, उसे यह काम दिया गया है। हरियाणा की लीगल व्यवस्था को देश के पांच राज्यों ने अपना लिया है। ठीक काम कर रही है। कोर्ट ने कहा हमें प्रयास नहीं, परिणाम की अपेक्षा है। सरकार अपने स्तर पर क्या कर रही है। उससे कोर्ट से कोई मतलब नहीं है।
कर्मचारियों की कमी पर मुख्य सचिव ने कहा कि आज कैबिनेट बैठक में नियमावली को मंजूरी मिल जाएगी। आयोग के जरिए नियुक्ति शीघ्र हो सकेगी। कोर्ट ने कहा आउटसोर्सिंग से काम नहीं चलेगा, कोर्ट में महत्वपूर्ण दस्तावेज की जवाबदेही है। स्थायी स्टाफ रखा जाना चाहिए। यह तय कर लें कि किस तरह की भर्ती करेंगे। क्योंकि, पहले जो हलफनामे दाखिल किए गए उसमें आउटसोर्स या संविदा पर स्टाफ रखने को कहा गया है।
कोर्ट ने मुख्य सचिव को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग की करतूत दिखाई कहा कि अधिकारी आदेश का पालन नहीं करते। अधिशासी अभियंता ने आदेश का पालन नहीं किया, अवमानना कार्यवाही में माफी के बाद, सितंबर 22 में आदेश पालन का आश्वासन दिया और नवंबर 22 में दो साल बाद विशेष अपील दाखिल की है। मुख्य सचिव ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। कोर्ट ने कहा कि आदेश पालन न होने से 25 से 30 हजार अवमानना याचिकाएं सालाना दाखिल हो रहीं हैं।
जब मुख्य सचिव ने मांगी माफी
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता कार्यालय में फायर फाइटिंग यंत्र के काम करने को लेकर अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को कुछ बताना शुरू ही किया था कि मुख्य सचिव ने टोकते हुए कहा कि आपको जानकारी भी है या ऐसे ही बोल रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता से ऐसे टोन में बात करने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। इस पर मुख्य सचिव ने माफी मांगी। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी बड़ा रिफार्म करने जा रहे हैं। जवाबदेही व पारदर्शिता से काम किया जायेगा। उन्होंने केस लिस्ट होने की एक महीने पहले जानकारी देने, फाइलों की कोर्ट फाइल से कापी कराने का अनुरोध किया।